देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के तत्वावधान में तहसील भाटपाररानी क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों में विधिक सहायता केन्द्र (लीगल एड क्लीनिक) की स्थापना की गई है। इन क्लीनिकों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर ही लोगों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी और संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
पांच ग्राम पंचायतों में लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन
जनपद न्यायाधीश देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी द्वारा तहसील भाटपाररानी के अंतर्गत ग्राम पंचायत भिंगारी, खामपार, बलुआ अफगान, निशानियां पैकोली एवं सरया में लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर ग्राम न्यायालय भाटपाररानी के न्यायाधिकारी सिद्धी जय प्रकाश एवं नायब तहसीलदार भाटपाररानी संजय तिवारी भी उपस्थित रहे।
ग्रामीणों को मिला विधिक जागरूकता का मंच
लीगल एड क्लीनिक के उद्घाटन के साथ ही आम जनमानस को विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि इन केन्द्रों के माध्यम से जरूरतमंद, कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों को न्याय तक पहुंचने में सहायता मिलेगी। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं की भी जानकारी दी।
महिलाओं, वृद्धजनों और बच्चों के अधिकारों पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, विधवाओं, वृद्धजनों और बच्चों से संबंधित कानूनों तथा उनके शोषण से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लीगल एड क्लीनिक ग्राम पंचायत स्तर पर ही छोटे-मोटे अपराधों, आपसी विवादों, लड़ाई-झगड़ों और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
- ग्रामीण स्तर पर मुफ्त विधिक सलाह उपलब्ध होगी
- जरूरतमंदों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी
- छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव होगा
हिंदी में न्यायिक निर्णयों की जानकारी
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय और माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशानुसार निर्णयों का हिंदी में अनुवाद कराया गया है। यह सुविधा उच्च न्यायालय की वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक भी न्यायिक निर्णयों को आसानी से समझ सकेंगे।
निष्कर्ष: ग्राम स्तर पर न्याय की सुलभ पहुंच
देवरिया में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना से यह स्पष्ट है कि प्रशासन न्याय को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे न केवल आम जनमानस के विधिक अधिकारों का संरक्षण होगा, बल्कि न्यायिक प्रणाली के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
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