नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
X Down: दुनिया के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बार फिर बड़ा तकनीकी संकट सामने आया है। शुक्रवार रात एक्स एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार अचानक डाउन हो गया, जिससे हजारों यूजर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सके। आउटेज के चलते न केवल सामान्य यूजर्स बल्कि पत्रकारों, प्रोफेशनल्स और डिजिटल बिजनेस से जुड़े लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किस समय सामने आई तकनीकी समस्या?
भारतीय समयानुसार रात करीब 8:30 बजे यूजर्स ने एक्स पर लॉग-इन करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सामान्य फीड की जगह पूरी तरह खाली स्क्रीन दिखाई दी। कई यूजर्स अपने अकाउंट में प्रवेश ही नहीं कर पाए, जबकि कुछ लोग लॉग-इन होने के बावजूद किसी भी पोस्ट या अपडेट को नहीं देख सके। कुछ ही मिनटों में यह समस्या वैश्विक स्तर पर फैल गई।
आउटेज कितना बड़ा और गंभीर रहा?
यह आउटेज केवल किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत सहित कई देशों के यूजर्स इससे प्रभावित हुए। मोबाइल एप और डेस्कटॉप वेबसाइट दोनों पर समान दिक्कतें सामने आईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि समस्या यूजर डिवाइस की नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के सेंट्रल सिस्टम से जुड़ी थी। पिछले आउटेज की तुलना में इस बार असर ज्यादा व्यापक बताया जा रहा है।
यूजर्स ने क्या समस्याएं बताईं?
- लॉग-इन के बाद पूरी तरह खाली होम स्क्रीन दिखाई दी
- किसी भी तरह की पोस्ट या नोटिफिकेशन लोड नहीं हुई
- मोबाइल ऐप और डेस्कटॉप वेबसाइट दोनों प्रभावित रहीं
- बार-बार रिफ्रेश करने पर भी समस्या दूर नहीं हुई
- कुछ यूजर्स को एरर मैसेज भी दिखाई दिए
आउटेज की वजह अब तक क्यों नहीं हुई साफ?
इस तकनीकी खराबी के पीछे की वास्तविक वजह अब तक सामने नहीं आई है। एक्स की ओर से आउटेज के दौरान या उसके तुरंत बाद कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार हुए इस बड़े आउटेज ने प्लेटफॉर्म की तकनीकी स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बार-बार आउटेज के क्या मायने हैं?
डिजिटल दौर में एक्स केवल सोशल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह खबरों, सार्वजनिक बहस, ब्रांड कम्युनिकेशन और आपातकालीन सूचनाओं का भी अहम मंच बन चुका है। ऐसे में बार-बार प्लेटफॉर्म का ठप होना आम यूजर्स के साथ-साथ संस्थानों और मीडिया संगठनों के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। यदि भविष्य में इस तरह की तकनीकी समस्याएं जारी रहीं, तो यूजर्स का भरोसा कमजोर हो सकता है और वे दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
निष्कर्ष: भरोसे की परीक्षा में एक्स
हफ्ते में दूसरी बार हुआ यह आउटेज एक्स के लिए चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। यूजर्स अब सिर्फ नए फीचर्स नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म की स्थिरता और भरोसेमंद परफॉर्मेंस की भी मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि एक्स इस तरह की तकनीकी चुनौतियों से कैसे निपटता है।
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