कुशीनगर, संवाददाता | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध बुद्ध महापरिनिर्वाण मंदिर में गुरुवार को आध्यात्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक सौहार्द का दृश्य देखने को मिला। मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह ने यहां भगवान बुद्ध की पांचवीं शताब्दी की भव्य लेटी प्रतिमा का दर्शन किया और बुद्ध वंदना के बीच श्रद्धापूर्वक चीवर अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
गोरखपुर महोत्सव से कुशीनगर पहुंचे बादशाह
जानकारी के अनुसार, रैपर बादशाह गोरखपुर महोत्सव में शामिल होने के बाद कुशीनगर पहुंचे थे। महापरिनिर्वाण मंदिर में उन्होंने शांत भाव से पूजा की और भगवान बुद्ध के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह क्षण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कुशीनगर के इतिहास और बुद्ध के उपदेशों की जानकारी
इस दौरान टूरिस्ट गाइड डॉ. अभय राय ने बादशाह को कुशीनगर के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन, उनके महापरिनिर्वाण और शांति, करुणा व अहिंसा से जुड़े उपदेशों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. राय ने अपनी एक पुस्तक भी भेंट की।
- महापरिनिर्वाण मंदिर में विधिवत दर्शन
- बुद्ध वंदना के साथ चीवर अर्पण
- कुशीनगर के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी
- बौद्ध पर्यटन को मिला प्रोत्साहन
जिलाधिकारी भी रहे मौजूद
दर्शन-पूजन के दौरान कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर भी उपस्थित रहे। उन्होंने कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयासों की जानकारी दी और अतिथि का स्वागत किया।
संगीत और अध्यात्म का संगम
उल्लेखनीय है कि बादशाह इससे पहले भी सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों से जुड़े प्रोजेक्ट्स में शामिल रहे हैं। अयोध्या की आधिकारिक राम तरंग म्यूजिक के लिए उन्होंने ‘राम जी का दबदबा’ शीर्षक से रैप गाया था, जिसके बोल कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने लिखे थे।
निष्कर्ष
मशहूर कलाकार द्वारा कुशीनगर के बुद्ध महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन और पूजा किए जाने से न केवल धार्मिक आस्था को सम्मान मिला, बल्कि बौद्ध पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की संभावना जगी है। यह यात्रा कला, संस्कृति और अध्यात्म के सुंदर समन्वय का उदाहरण बनी।
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