राजकोट, स्पोर्ट्स डेस्क | वेब वार्ता
कहते हैं सपनों की कोई उम्र नहीं होती, जरूरत होती है तो बस धैर्य और हौसले की। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जेडन लेनोक्स की कहानी इसी जज्बे की मिसाल बनकर सामने आई है। भारत के खिलाफ राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे मैच में 31 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखकर लेनोक्स ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन कभी बेकार नहीं जाती।
14 जनवरी 2026 बना जिंदगी का सबसे खास दिन
14 जनवरी 2026 का दिन जेडन लेनोक्स के करियर में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। इसी दिन उन्होंने भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आमतौर पर खिलाड़ी 20–25 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू का सपना पूरा कर लेते हैं, लेकिन लेनोक्स ने 31 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल कर सभी को प्रेरित किया।
नौकरी और क्रिकेट, दोनों को साथ लेकर चले
जेडन लेनोक्स का सपना हमेशा से न्यूजीलैंड के लिए खेलने का था, लेकिन परिस्थितियां आसान नहीं थीं। जहां अधिकतर खिलाड़ी केवल क्रिकेट पर ध्यान देते हैं, वहीं लेनोक्स को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नौकरी भी करनी पड़ी। साल 2018 से उन्होंने काम करना शुरू किया और कई तरह की नौकरियां कीं, लेकिन क्रिकेट को कभी छोड़ने का विचार नहीं किया।
ग्रीन्सकीपर से टेक्नीशियन तक का संघर्ष
लेनोक्स ने 2018-19 के दौरान एक गोल्फ कोर्स में ग्रीन्सकीपर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने एक रिसर्च कंपनी में फील्ड टेक्नीशियन के रूप में नौकरी की। साल 2020 में उन्होंने यह जॉब छोड़ दी और 2020 से 2023 तक एक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट कंपनी में असेंबली टेक्नीशियन के रूप में काम करते रहे। इतना ही नहीं, 2024 में उन्होंने कुछ समय के लिए लैब टेक्नीशियन का पार्ट-टाइम काम भी किया।
- 2018-19: गोल्फ कोर्स में ग्रीन्सकीपर
- रिसर्च कंपनी में फील्ड टेक्नीशियन
- 2020-23: स्पोर्ट्स इक्विपमेंट कंपनी में असेंबली टेक्नीशियन
- 2024: लैब टेक्नीशियन (पार्ट-टाइम)
नौकरी छोड़ी, सपनों से समझौता नहीं
लगातार नौकरी और क्रिकेट को साथ निभाने के चलते लेनोक्स अपने खेल पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पा रहे थे। आखिरकार 2024 के बाद उन्होंने बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया—नौकरी छोड़कर केवल क्रिकेट पर ध्यान देने का। यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
31 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू
भारत के खिलाफ राजकोट वनडे में जेडन लेनोक्स ने न्यूजीलैंड की ओर से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। वह वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड के 225वें खिलाड़ी बने। अपने डेब्यू मैच में लेनोक्स ने 10 ओवर गेंदबाजी की, 42 रन खर्च किए और 1 विकेट अपने नाम किया। भारत के हर्षित राणा को आउट कर उन्होंने अपना पहला इंटरनेशनल विकेट हासिल किया।
निष्कर्ष: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
जेडन लेनोक्स की कहानी उन हजारों खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो उम्र, हालात या संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं। नौकरी बदली जा सकती है, लेकिन अगर हौसला कायम रहे, तो सपने देर से ही सही जरूर पूरे होते हैं।




