नई दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
RBI allows SMBC Banking for Local Unit: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी बैंकों के लिए भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) स्थापित करने के रास्ते और खोल दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने जापान के प्रमुख बैंक सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) को भारत में अपनी मौजूदा शाखाओं को परिवर्तित कर पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी स्थापित करने की ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी दे दी है। आरबीआई ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
वर्तमान में SMBC भारत में ब्रांच मॉडल के तहत चार प्रमुख शहरों—नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु—में अपनी शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग कारोबार संचालित कर रहा है। अब आरबीआई की इस मंजूरी के बाद SMBC इन शाखाओं को परिवर्तित कर एक पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय अनुषंगी कंपनी के रूप में परिचालन शुरू कर सकेगा। यह कदम विदेशी बैंकों के लिए भारत में गहरी जड़ें जमाने और लंबे समय तक कारोबार करने का रास्ता आसान बनाता है।
अंतिम लाइसेंस के लिए शर्तें
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सैद्धांतिक अनुमति है। SMBC को भारत में अनुषंगी कंपनी के रूप में बैंकिंग कारोबार शुरू करने के लिए अंतिम लाइसेंस तभी मिलेगा, जब वह सैद्धांतिक मंजूरी के तहत तय की गई सभी नियामकीय शर्तों, पूंजी आवश्यकताओं और अन्य अनिवार्य मानकों को पूरी तरह पूरा कर लेगा। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित पूंजी पर्याप्तता अनुपात, जोखिम प्रबंधन नीतियां, ग्राहक सुरक्षा मानक और अन्य नियमों का अनुपालन शामिल है।
SMBC का भारत में विस्तार और यस बैंक में हिस्सेदारी
यह मंजूरी SMBC के लिए भारत में अपने कारोबार को विस्तार देने का सुनहरा अवसर है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में ही SMBC ने निजी क्षेत्र के यस बैंक में 24.22 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसके बाद वह यस बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक बन गया। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पास भी यस बैंक में अभी भी 10 प्रतिशत से अधिक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनी हुई है। इस हिस्सेदारी के बाद SMBC ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। अब पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी के रूप में परिचालन शुरू होने से SMBC भारत में अपनी रणनीति को और मजबूत कर सकेगा।
भारत में विदेशी बैंकों के लिए नई राह
आरबीआई की यह मंजूरी विदेशी बैंकों के लिए भारत में गहरे पैठ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले भी कई विदेशी बैंक भारत में शाखा मॉडल के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बनने से उन्हें भारतीय बाजार में अधिक स्वतंत्रता, स्थानीय ग्राहक विश्वास और लंबे समय तक कारोबार करने की सुविधा मिलेगी। यह कदम भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक निवेशकों के प्रति आकर्षण को दर्शाता है।
आरबीआई ने इस मंजूरी के साथ यह भी स्पष्ट किया कि बैंक को सभी नियामकीय मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। इससे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
निष्कर्ष: भारत में विदेशी निवेश का नया दौर
आरबीआई की इस मंजूरी से भारत में विदेशी बैंकों का विस्तार तेज होने की उम्मीद है। SMBC जैसे वैश्विक बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी भारत की आर्थिक प्रगति और वित्तीय समावेशन में नई गति लाएगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप है, जहां विदेशी निवेश को बढ़ावा देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे और विदेशी बैंकों के भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां स्थापित होने की संभावना बढ़ गई है।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: यूनियन बैंक का शानदार प्रदर्शन: तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 18.07% बढ़कर 5017 करोड़ रुपये




