सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
-वार्ड आरक्षण का हुआ अंतिम निर्धारण, सामान्य वर्ग के लिए 12 वार्ड, एससी के लिए 4, पिछड़ा वर्ग क-ख के लिए 2-1
सोनीपत नगर निगम के आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत बुधवार को लघु सचिवालय में एक महत्वपूर्ण ड्रा निकाला गया। उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में आयोजित इस ड्रा में नगर निगम के कुल 22 वार्डों के आरक्षण का अंतिम निर्धारण किया गया। ड्रा के माध्यम से विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित वार्डों की सूची तय की गई, जिससे अब चुनावी प्रक्रिया और पारदर्शी हो गई है।
ड्रा के अनुसार वार्ड आरक्षण का विवरण
ड्रा में निकाले गए नंबरों के आधार पर निम्नलिखित आरक्षण तय हुआ:
सामान्य वर्ग के लिए कुल 12 वार्ड आरक्षित: वार्ड नंबर 1, 3, 4, 5, 7, 8, 12, 13, 14, 15, 16, 19, 20, 21, 22
इनमें से महिला सदस्यों के लिए विशेष रूप से आरक्षित वार्ड: वार्ड नंबर 5, 12, 14 व 21
अनुसूचित जाति (एससी) के लिए कुल 4 वार्ड आरक्षित: वार्ड नंबर 2, 9, 17 व 18
इनमें से एससी महिला सदस्यों के लिए आरक्षित वार्ड: वार्ड नंबर 9 व 18
पिछड़ा वर्ग क (बीसी-क) के लिए कुल 2 वार्ड आरक्षित: वार्ड नंबर 6 व 10
इनमें से बीसी-क महिला सदस्य के लिए आरक्षित वार्ड: वार्ड नंबर 6
पिछड़ा वर्ग ख (बीसी-ख) के लिए कुल 1 वार्ड आरक्षित: वार्ड नंबर 11 (बीसी-ख महिला सदस्य के लिए)
उपायुक्त ने पारदर्शिता पर जोर दिया
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि यह ड्रा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रक्रिया संविधान और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई है। अब सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों की तैयारी में जुट सकते हैं।
इस मौके पर नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, नगराधीश डॉ. अनमोल, संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय विभाग से हरदीप सहित पूर्व नगर पार्षद और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वार्ड आरक्षण सारणी (एक नजर में)
| वर्ग | कुल वार्ड | आरक्षित वार्ड नंबर | महिला आरक्षित वार्ड |
|---|---|---|---|
| सामान्य वर्ग | 12 | 1, 3, 4, 5, 7, 8, 12, 13, 14, 15, 16, 19-22 | 5, 12, 14, 21 |
| अनुसूचित जाति (एससी) | 4 | 2, 9, 17, 18 | 9, 18 |
| पिछड़ा वर्ग क (बीसी-क) | 2 | 6, 10 | 6 |
| पिछड़ा वर्ग ख (बीसी-ख) | 1 | 11 | 11 |
उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में निकाला गया यह ड्रा नगर निगम सोनीपत के आगामी चुनावों की प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को अपने-अपने आरक्षित वार्डों में तैयारी तेज करने का मौका मिल गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




