गोरखपुर, अजय कुमार | वेब वार्ता
–गोरखपुर महोत्सव के औपचारिक समापन समारोह में बोले मुख्यमंत्री माफियामुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में निहित संभावनाओं की सिर्फ बात नहीं करते, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति से संभावनाओं के अनुरूप परिणाम भी देते हैं। सरकार की इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश माफियामुक्त, दंगामुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सीएम योगी मंगलवार अपराह्न रामगढ़ताल के सामने चंपा देवी पार्क में आयोजित गोरखपुर महोत्सव के औपचारिक समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। नौजवानों को रोजगार मिल रहा है, अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, उद्यमियों-व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिल रहा है, बहन-बेटियों को मुस्कुराते हुए स्कूल-बाजार जाने का माहौल मिल रहा है। आज किसी ने बहन-बेटियों की राह में बाधा डालने का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने को तैयार मिलेंगे।
इंसेफेलाइटिस का खात्मा, विकास की नई बुलंदियां
मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस की समस्या पर तत्कालीन सरकारों द्वारा की जा रही उपेक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि तब हमने सड़कों पर आंदोलन किया और जब सरकार में आए तो पूरी जिम्मेदारी की भावना के साथ दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस का खात्मा कर दिखाया। उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर और उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलंदियों पर है। 2017 के पहले गोरखपुर उपद्रव, गुंडागर्दी की चपेट में था। गुंडा टैक्स वसूला जाता था, सड़कें जर्जर थीं, बिजली नहीं मिलती थी, गंदगी और बीमारी का कहर था।
सीएम योगी ने कहा कि मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक शरीर को अस्वस्थ करता है तो दूसरा समाज को। 2017 तक गोरखपुर माफियाराज और गुंडाराज के लिए कुख्यात था। हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। व्यापारी, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। नौजवान पलायन को मजबूर थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प के लिए जो अभियान शुरू किया, उसके परिणाम आज जमीनी धरातल पर नजर आ रहे हैं।
आठ साल बाद पहचान नहीं पाएंगे गोरखपुर और यूपी के शहरों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ साल पहले यहां आया व्यक्ति यदि आज गोरखपुर आएगा तो विकास से आए बदलाव के चलते शहर को पहचान नहीं पाएगा। ऐसी ही स्थिति अयोध्या, काशी, प्रयागराज को लेकर होगी। उन्होंने लखनऊ के एक व्यक्ति के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि आठ साल पहले लखनऊ में गंदगी थी, सड़कें संकरी थीं, सूर्यास्त के बाद घर से न निकलने की सलाह दी जाती थी। आज देर रात भी भयमुक्त होकर निकला जा सकता है।
गोरखपुर में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार
सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में शानदार कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर है। फोरलेन और सिक्सलेन सड़कों का संजाल है। 2017 के पहले लखनऊ जाने में 8-10 घंटे लगते थे, आज साढ़े तीन घंटे में। गोरखपुर से सिर्फ एक वायुसेवा थी, आज दिल्ली, मुंबई सहित कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवा है। पिछले 8 वर्षों में हजारों करोड़ों रुपये का निवेश हुआ और 50 हजार युवाओं को नौकरी मिली। पहले एक विश्वविद्यालय था, आज चार हैं। रामगढ़ताल आज बेहतरीन पर्यटन केंद्र बन चुका है।
तकनीक मनुष्य के लिए, स्मार्टफोन का अनावश्यक इस्तेमाल न करें
मुख्यमंत्री ने तकनीक की महत्ता समझाई और कहा कि तकनीक मनुष्य के लिए है, मनुष्य तकनीक के लिए नहीं। राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा तो समस्या समाप्त हो गई। जनधन योजना को तकनीक से जोड़कर भ्रष्टाचारमुक्त वातावरण बनाया गया। उन्होंने स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बच्चों के डिप्रेशन और जिद्दी होने की चेतावनी दी। साइबर फ्रॉड से आगाह करते हुए कहा कि अनजान पर विश्वास न करें, डिजिटल अरेस्ट के धोखे में न आएं। वाहन चलाते वक्त फोन का प्रयोग न करें। अच्छी सड़कें सुगम यातायात के लिए हैं, समय से पहले दूसरे लोक में जाने के लिए नहीं।
गोरखपुर रत्न से सम्मानित छह विभूतियां
सीएम योगी ने खेल, विज्ञान, कृषि एवं सामाजिक कार्य में विशिष्ट योगदान देने वाली छह विभूतियों को गोरखपुर रत्न से सम्मानित किया। खेल में अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी शिवम यादव, अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी अनन्या यादव, अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही नीतिश सिंह, विज्ञान में प्रो. शरद मिश्रा, कृषि में अविनाश कुमार मौर्या और सामाजिक कार्य में आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।
महोत्सव का समापन और सांस्कृतिक प्रस्तुति
मुख्यमंत्री ने लोक एवं भजन गायिका मैथिली ठाकुर के सुमधुर भजनों का आनंद उठाया। उन्होंने मंच से उतरकर सामने बैठकर भजन सुने और बाद में मैथिली को सम्मानित किया। सीएम ने महोत्सव परिसर में लगी प्रदर्शनियों, स्टालों और कृषि-विज्ञान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और सांसद रविकिशन ने भी महोत्सव की सराहना की। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने आयोजन की जानकारी दी।
निष्कर्ष: गोरखपुर महोत्सव – विकास और संस्कृति का संगम
गोरखपुर महोत्सव ने न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोया, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के विकास और बदलाव को भी प्रदर्शित किया। माफियामुक्त, दंगामुक्त और रोजगारपूर्ण उत्तर प्रदेश की तस्वीर आज धरातल पर दिख रही है।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: एआई से पूरी तरह बदल जाएगी गांव की स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर: डॉ. पिंकी जोवल




