नवा रायपुर (छत्तीसगढ़), विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने 1 से 15 फरवरी तक गरियाबंद जिले के त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन को गरिमा, दिव्यता और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के सख्त निर्देश दिए।
मंत्री अग्रवाल ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर और आपसी समन्वय के साथ पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेला प्रारंभ होने से पहले, यानी 1 फरवरी तक सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त होने चाहिए।
समीक्षा में चर्चा के प्रमुख बिंदु
बैठक में निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए:
- सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बलों की तैनाती
- स्वच्छता और सफाई व्यवस्था
- संगम स्नान के लिए विशेष व्यवस्थाएं
- जल प्रबंधन और पेयजल की उपलब्धता
- यातायात व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और पार्किंग
- शटल सेवा और परिवहन सुविधा
- संत-महात्माओं के लिए विश्राम गृह
- कांवड़ियों के लिए शेड और आराम की व्यवस्था
- चिकित्सा एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं
- दाल-भात केंद्र और भोजन व्यवस्था
- सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति संगीत, लोकनृत्य और अखाड़ा जुलूस
- मीना बाजार और अन्य व्यापारिक व्यवस्थाएं
गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अब तक की गई तैयारियों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री ने आवश्यक सुधार और तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
बैठक में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक रोहित साहू और इंदर साहू, धर्मस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| व्यवस्था | स्थिति/निर्देश |
|---|---|
| सुरक्षा व्यवस्था | पर्याप्त बलों की तैनाती सुनिश्चित |
| स्वच्छता और पेयजल | पूर्ण रूप से दुरुस्त, कोई कमी नहीं |
| यातायात व पार्किंग | सुव्यवस्थित, जाम मुक्त बनाना |
| चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाएं | एम्बुलेंस, दवाइयों और डॉक्टरों की तैनाती |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | भक्ति संगीत, लोकनृत्य, अखाड़ा जुलूस |
| दाल-भात केंद्र | श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क/न्यूनतम शुल्क |
| समय-सीमा | 1 फरवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण |
मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को मजबूत करने का एक अनूठा अवसर है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह मेला न केवल आध्यात्मिक महत्व रखे, बल्कि सुव्यवस्थित और यादगार भी बने।
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