देवरिया | ममता तिवारी | वेब वार्ता
धोखाधड़ी के मामले में जिला कारागार देवरिया में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 17 जनवरी को जिला न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत में होगी। सोमवार को उनकी पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत की सुनवाई भी स्थगित कर दी गई।
घटना का पूरा विवरण
वर्ष 1999 में एसपी रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम में हेराफेरी करके औद्योगिक प्लॉट आवंटित कर लिया था। इस मामले में लखनऊ के तालकटोरा निवासी संजय शर्मा ने देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। एसआईटी ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पहले उनकी जमानत याचिका निरस्त कर दी थी। सोमवार को अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत में जमानत याचिका दाखिल करते हुए यथाशीघ्र सुनवाई की मांग की। अदालत ने अभियोजन पक्ष से केस डायरी तलब करते हुए सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तिथि नियत कर दी। इसी तिथि पर नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर का बैकग्राउंड
अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने करियर के दौरान कई विवादों में नाम कमाया। वर्तमान में वे जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित है। मामले में आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर पत्नी के नाम पर औद्योगिक प्लॉट हासिल किया था।
अदालत का फैसला और अगली सुनवाई
जिला न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित करते हुए अभियोजन पक्ष से केस डायरी तलब की है। 17 जनवरी को दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला लिया जाएगा।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी | पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर |
| पत्नी | नूतन ठाकुर (अग्रिम जमानत याचिका) |
| मामला | वर्ष 1999 में औद्योगिक प्लॉट में हेराफेरी |
| शिकायतकर्ता | संजय शर्मा (लखनऊ, तालकटोरा) |
| गिरफ्तारी | एसआईटी द्वारा गिरफ्तार, जेल में बंद |
| पिछली जमानत स्थिति | मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निरस्त की |
| अगली सुनवाई | 17 जनवरी, जिला न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत |
| स्थान | जिला न्यायालय देवरिया |
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका अब जिला न्यायाधीश की अदालत में है। 17 जनवरी को होने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला होगा। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आरोपों के कारण भी चर्चा में है। अदालत का अंतिम फैसला सभी की नजरों में होगा।




