तेहरान, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
ईरान में पिछले 15 दिनों से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी है। साथ ही उन्होंने हिंसा और खूनखराबे के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत में कहा कि प्रदर्शनों को जानबूझकर हिंसक और खूनी बनाया गया ताकि ट्रंप को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया, लेकिन आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल इस हिंसा के पीछे हैं।
544 मौतें, 10 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और समाचार एजेंसियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी थे। इसके अलावा 10,681 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन पूरे 31 प्रांतों के 186 शहरों में 585 स्थानों पर जारी हैं।
प्रदर्शन 28 दिसंबर को महंगाई, बेरोजगारी और खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ शुरू हुए थे, जो बाद में खामेनेई सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गए। 7 जनवरी के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी गईं, लेकिन अल जजीरा जैसे कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया को लाइव रिपोर्टिंग की अनुमति दी गई।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार ईरान सरकार को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की धमकी के बाद ईरान अब वाशिंगटन से बातचीत करना चाहता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान ने “रेड लाइन” पार कर ली है।
ईरानी विदेश मंत्री ने इसे हस्तक्षेप का बहाना करार देते हुए कहा कि प्रदर्शनों को हिंसक बनाया गया ताकि अमेरिका को दखल देने का मौका मिले।
ईरान में अब तक क्या-क्या हुआ? बिंदुवार
- 28 दिसंबर को महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन शुरू
- 15 दिनों से सरकार विरोधी आंदोलन जारी, 31 प्रांतों में फैला
- अब तक 544 मौतें, 10,681 से अधिक गिरफ्तारियां
- खामेनेई सरकार के खिलाफ नारेबाजी, निर्वासित युवा रजा पहलवी का समर्थन
- 7 जनवरी के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद
- अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी
ईरान की चुप्पी पर सवाल
विदेश मंत्री ने मृतकों के आंकड़ों पर कोई स्पष्ट बयान या सबूत नहीं दिया। मानवाधिकार संगठनों और निर्वासित ईरानी कार्यकर्ताओं ने सरकार पर दमन और हत्याओं का आरोप लगाया है।
निष्कर्ष: ईरान में आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुके हैं। विदेश मंत्री के दावे के बावजूद मृतकों की संख्या और गिरफ्तारियों के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। अमेरिका की चेतावनी और ईरान का जवाब दोनों ही अंतरराष्ट्रीय तनाव को बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।




