कोलकाता, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस (Nipah Virus) की दोबारा दस्तक ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। एम्स कल्याणी (AIIMS Kalyani) स्थित आईसीएमआर की ‘वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी’ (VRDL) में दो संदिग्ध मामलों की जांच में निपाह वायरस की पुष्टि हुई है। इस वायरस की उच्च मृत्यु दर (40-75%) और तेजी से फैलने की क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे ‘अत्यधिक प्राथमिकता’ (Utmost Priority) पर रखा है और ममता बनर्जी सरकार को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
केंद्र की त्वरित कार्रवाई, नेशनल आउटब्रेक रिस्पांस टीम तैनात
जैसे ही इन संदिग्ध मामलों की जानकारी मिली, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव (प्रधान सचिव) के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थिति की समीक्षा करना और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
केंद्र ने राज्य सरकार की मदद के लिए एक ‘नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम’ तैनात कर दी है। इस टीम में देश के दिग्गज विशेषज्ञ शामिल हैं:
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ (AIIHPH), कोलकाता
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE), चेन्नई
- वन्यजीव विभाग, पर्यावरण और वन मंत्रालय
केंद्र ने ‘कम्युनिकेबल डिजीज अलर्ट’ (संक्रामक रोग अलर्ट) के तहत राज्य की ‘इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम’ (IDSP) यूनिट के साथ दिशा-निर्देश शेयर किए हैं। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) में ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर’ (PHEOC) को भी सक्रिय कर दिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने ममता को लिखा पत्र, फोन पर भी बात
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। नड्डा ने मुख्यमंत्री से फोन पर भी बात की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
निपाह वायरस कितना खतरनाक?
निपाह एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों (फल खाने वाले चमगादड़ों) से इंसानों में फैलती है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मृत्यु दर लगभग 40% से 75% तक होती है। प्रमुख लक्षण:
- अचानक तेज बुखार और सिरदर्द
- सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई
- मानसिक भ्रम या चक्कर आना
- गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और कोमा
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मामले | 2 संदिग्ध मामले, निपाह वायरस की पुष्टि |
| स्थान | पश्चिम बंगाल (एम्स कल्याणी VRDL में जांच) |
| केंद्र की कार्रवाई | नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम तैनात |
| मुख्य टीम सदस्य | AIIHPH कोलकाता, NIV पुणे, NIE चेन्नई, वन्यजीव विभाग |
| केंद्रीय मंत्री का पत्र | जे.पी. नड्डा ने ममता बनर्जी को लिखा, फोन पर बात |
| मृत्यु दर | 40-75% (अत्यधिक खतरनाक) |
| प्रमुख लक्षण | तेज बुखार, सिरदर्द, सांस की तकलीफ, मस्तिष्क सूजन |
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की दोबारा दस्तक ने पूरे देश को सतर्क कर दिया है। केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेषज्ञ टीम तैनात की है और ममता बनर्जी सरकार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है। यह वायरस अत्यधिक खतरनाक है, इसलिए राज्य सरकार को तुरंत सतर्कता बरतने और जनता को जागरूक करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।




