अकोला, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। सभी दल मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अकोला में एक बड़ी रैली को संबोधित किया। इस जनसभा में ओवैसी ने बीजेपी, कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक ताकत को मजबूत करें और केवल वोटर बनकर न रहें। ओवैसी ने कहा कि यह अपील न केवल चुनावी जीत के लिए है, बल्कि मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक मजबूती और अधिकारों की रक्षा के लिए भी जरूरी है।
रैली में ओवैसी का तीखा हमला: डराकर रखने की साजिश का पर्दाफाश
असदुद्दीन ओवैसी ने अकोला की सभा में कहा कि “बीजेपी हो या अजित पवार, एकनाथ शिंदे, सब आपको डराकर रखना चाहते हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि मुसलमान अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानें और मजबूत करें। केवल वोटर बनकर रहने से कोई फायदा नहीं, हमें अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।” उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि UAPA जैसे कड़े कानून कांग्रेस सरकार के समय बने थे, जिसके तहत उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे कार्यकर्ताओं को बेल नहीं मिली। ओवैसी ने मुसलमानों से कहा कि वे अपने वोट की ताकत को समझें और ऐसे दलों का समर्थन करें जो उनके हितों की रक्षा करें।
ओवैसी ने बीजेपी नेता नवनीत राणा के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने हिंदुओं से 4 बच्चे पैदा करने की बात कही थी। ओवैसी ने कहा, “मुझे 6 बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है। नवनीत राणा कहती हैं 4 बच्चे, क्यों 4? 8 बच्चे पैदा करो, कौन रोक रहा है?” इस बयान से सभा में जोरदार ठहाके लगे और ओवैसी ने समुदाय को राजनीतिक रूप से संगठित होने की अपील की।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव: ओवैसी की रणनीति और अपील
महाराष्ट्र में लातूर, वसई-विरार, ठाणे और अन्य स्थानों पर निकाय चुनाव होने वाले हैं। एआईएमआईएम ने यहां अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ओवैसी ने रैली में कहा कि मुसलमानों को राजनीतिक ताकत हासिल करनी होगी, क्योंकि वे आबादी का बड़ा हिस्सा हैं लेकिन राजनीतिक शक्ति से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड पर हमले हो रहे हैं और बीजेपी सहयोगी दलों के साथ मिलकर मुस्लिम संस्थाओं को निशाना बना रही है। ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की कि वे ऐसे दलों को वोट न दें जो उनके हितों की अनदेखी करते हैं।
एआईएमआईएम ने हाल ही में महाराष्ट्र में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। पार्टी ने वसई-विरार और ठाणे निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगी और कई सीटों पर जीत हासिल करेगी।
ओवैसी की अपील का राजनीतिक असर
ओवैसी की यह अपील महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। मुसलमान मतदाता महाराष्ट्र में कई जिलों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। एआईएमआईएम की बढ़ती सक्रियता से कांग्रेस और एनसीपी जैसे दलों को चिंता हो सकती है, क्योंकि ओवैसी मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल रहे हैं। हाल की रैलियों में ओवैसी ने बीजेपी पर वक्फ बोर्ड को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ानी होगी, तभी उनके अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने अपील की कि चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों को वोट दें जो समुदाय के हितों की रक्षा करें।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य अपील | मुसलमान अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत करें |
| मुख्य हमला | बीजेपी, अजित पवार, एकनाथ शिंदे पर डराकर रखने का आरोप |
| चुनाव फोकस | महाराष्ट्र निकाय चुनाव (लातूर, अकोला आदि) |
| अन्य आरोप | कांग्रेस पर UAPA का जिम्मेदार ठहराया |
| पलटवार | नवनीत राणा के 4 बच्चे बयान पर 8 बच्चों का जिक्र |
असदुद्दीन ओवैसी की यह अपील महाराष्ट्र निकाय चुनावों में मुस्लिम वोटरों को संगठित करने की एक रणनीति है। बीजेपी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों पर हमला करके ओवैसी एआईएमआईएम को मुस्लिम समुदाय का असली हितैषी बताने की कोशिश कर रहे हैं। यह अपील न केवल चुनावी लाभ के लिए है, बल्कि मुसलमानों को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने का संदेश भी देती है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह बयान नया बहस छेड़ सकता है और वोटरों को प्रभावित कर सकता है। एआईएमआईएम की बढ़ती सक्रियता से अन्य दलों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।




