सत्यापन के बाद ही सही व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं: जिलाधिकारी अनुनय झा

हरदोई, लक्ष्मी कान्त पाठक | वेब वार्ता

लोकतंत्र की नींव माने जाने वाले मतदाता सूची के शुद्धिकरण और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में जनपद हरदोई में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुनय झा ने की।

गांधी भवन सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्यापन के बाद ही पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं, किसी भी प्रकार की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलेगा विशेष अभियान

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा किया जाना है।

फार्म 6, 7 और 8 की प्रक्रिया पर बिंदुवार प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के सहायक एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को फार्म-6 (नाम जोड़ने), फार्म-7 (नाम हटाने) और फार्म-8 (संशोधन) से संबंधित प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी अनुनय झा ने निर्देश दिए कि सभी एईआरओ अपने-अपने ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के मार्गदर्शन में पूरी सतर्कता, निष्पक्षता और सूझबूझ के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी स्तर पर गलती न हो।

नो-मैपिंग मतदाताओं पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नो-मैपिंग वाले मतदाताओं के मामलों पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे मतदाताओं को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से नोटिस जारी कर सत्यापन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • सभी दावे और आपत्तियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त की जाएं

  • प्रत्येक मामले का निष्पक्ष और भौतिक सत्यापन कराया जाए

  • केवल पात्र व्यक्तियों के नाम ही मतदाता सूची में जोड़े जाएं

उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्थिति में अपात्र या फर्जी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।

पहचान प्रमाण पत्र अनिवार्य

जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए दावा करने वाले व्यक्ति को आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध पहचान पत्रों में से किसी एक की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • राशन कार्ड

  • पासपोर्ट

  • सरकारी या अर्ध-सरकारी कार्यालय द्वारा जारी पहचान पत्र

  • अन्य मान्य दस्तावेज (निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित)

उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच पूरी गंभीरता से की जाए और बिना सत्यापन के किसी भी आवेदन को स्वीकृत न किया जाए।

अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, सभी विधान सभाओं के एईआरओ, अतिरिक्त एईआरओ तथा प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्य करें, ताकि लोकतंत्र की यह प्रक्रिया पूरी तरह विश्वसनीय बनी रहे।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान न केवल मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे आम नागरिकों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा भी और मजबूत होगा। प्रशासन की यह पहल आगामी चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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