Wednesday, January 14, 2026
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बांग्लादेश: दीपू चंद्र दास हत्या मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार – पुलिस ने कहा, इसी ने भीड़ को उकसाया और घसीटकर ले गया

ढाका, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गुरुवार (8 जनवरी 2026) को ढाका से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूर्व शिक्षक और मस्जिद इमाम यासीन अराफात ने ही इस भयानक हमले की साजिश रची और भीड़ को उकसाया। उसने दीपू को खुद घसीटकर चौराहे तक ले जाकर पेड़ पर लटकवाया और आग लगवाई। यह गिरफ्तारी देश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों के बीच राहत की खबर है, लेकिन घटना ने वैश्विक स्तर पर बांग्लादेश की आलोचना बढ़ा दी है। पुलिस जांच में जुटी है और अब तक 21 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी: 12 दिनों तक फरार रहा यासीन अराफात

पुलिस ने बताया कि यासीन अराफात शेखाबाड़ी मस्जिद में इमाम था और पिछले 18 महीनों से मदरसे में पढ़ाता था। दीपू की हत्या (18 दिसंबर 2025) के बाद वह फरार हो गया। 12 दिनों तक ढाका के विभिन्न मदरसों में छिपता रहा और झूठी पहचान से सुफा मदरसा में पढ़ाने का काम भी ढूंढ लिया। बांग्लादेश मेट्रोपॉलिटन पुलिस के सहयोग से डेमरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। यासीन अराफात ने ही हमले की प्लानिंग की और भीड़ को उकसाया। वह दीपू को घसीटकर चौराहे तक ले गया, जहां उसे पेड़ पर लटकाकर आग के हवाले किया गया।

घटना का विवरण: ईशनिंदा के आरोप में निर्मम हत्या

मैमनसिंह जिले में कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास को सुपरवाइजर ने जबरन निकालकर कट्टरवादी भीड़ को सौंप दिया। भीड़ ने उसे बुरी तरह पीटा, हत्या की और लाश को पेड़ से लटकाकर जला दिया। हत्या में दीपू का एक सहकर्मी भी शामिल था। अब तक 21 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें 9 ने अदालत में अपराध कबूल कर लिया।

प्रमुख तथ्य एक नजर में

विवरणजानकारी
पीड़ितदीपू चंद्र दास (27 वर्ष, हिंदू अल्पसंख्यक)
घटना तिथि18 दिसंबर 2025
मुख्य आरोपीयासीन अराफात (पूर्व शिक्षक, इमाम)
गिरफ्तारी तिथि8 जनवरी 2026
कुल गिरफ्तार21 (9 ने अपराध कबूल किया)
स्थानमैमनसिंह जिला
आरोपईशनिंदा, उकसावा, हत्या और लाश जलाना

यह तालिका मामले की मुख्य जानकारी को स्पष्ट करती है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: जांच तेज

पुलिस ने यासीन अराफात की भूमिका को हमले की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन में अहम बताया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई अल्पसंख्यक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन देश में लगातार हो रहे अत्याचारों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।

न्याय की उम्मीद, अल्पसंख्यक सुरक्षा की जरूरत

दीपू चंद्र दास की हत्या जैसी घटनाएं मानवता को शर्मसार करती हैं। मुख्य आरोपी यासीन अराफात की गिरफ्तारी से न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। यह घटना समाज में सहिष्णुता और कानून व्यवस्था की मांग करती है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले और ऐसे अत्याचार रुकें।

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