लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
दिव्यांगता को कभी कमजोरी नहीं मानने वाली छोंजिन आंगमो ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कर्मचारी और दृष्टिबाधित पर्वतारोही छोंजिन ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर लिया। वह दुनिया की इकलौती दृष्टिबाधित महिला हैं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट, माउंट एल्ब्रुस और अब किलिमंजारो को फतह किया है। यह उपलब्धि खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हासिल की गई, जो उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस का प्रमाण है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उन्हें पूर्ण वित्तीय सहयोग दिया, जो दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम है।
चुनौतीपूर्ण चढ़ाई: खराब मौसम में भी नहीं डगमगाया हौसला
यह चढ़ाई लेमोशो रूट से की गई, जो बेहद मुश्किल साबित हुई। टीम को भारी बर्फबारी, अत्यधिक ठंड और कम विजिबिलिटी का सामना करना पड़ा। माउंट किलिमंजारो को अक्सर ट्रेकिंग पर्वत माना जाता है, लेकिन इस बार अप्रत्याशित मौसम ने इसे और कठिन बना दिया। इन सबके बावजूद छोंजिन ने जोश और दृढ़ संकल्प दिखाया। बूट्स एंड क्रैम्पन्स कंपनी की तकनीकी सहायता और गाइड की विशेषज्ञता ने सुरक्षित चढ़ाई सुनिश्चित की। छोंजिन का व्यापक पर्वतारोहण अनुभव इस सफलता की कुंजी रहा।
यूनियन बैंक का सहयोग: दिव्यांगजन सशक्तिकरण की मिसाल
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने छोंजिन को पूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान किया। बैंक ने उनकी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी और इसे दिव्यांग समुदाय के लिए प्रेरणा बताया। यह सहयोग न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की बेहतरीन मिसाल है, जो दिव्यांग कर्मचारियों को सशक्त बनाता है।
छोंजिन की प्रेरणादायक यात्रा: हिमाचल से विश्व विजेता तक
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के ऊबड़-खाबड़ इलाके से आने वाली छोंजिन दृष्टिबाधित होने के बावजूद दुनिया भर में प्रेरणा बन चुकी हैं। एवरेस्ट और एल्ब्रुस फतह करने के बाद किलिमंजारो (‘रूफ ऑफ अफ्रीका’) पर चढ़ाई ने उनकी उपलब्धियों की सूची को और समृद्ध किया। हर अभियान में वह साबित करती हैं कि ‘विजन’ सिर्फ आंखों से नहीं, हिम्मत और विश्वास से होता है।
प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में
| चोटी | ऊंचाई (मीटर) | विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|
| माउंट एवरेस्ट | 8,848 | दृष्टिबाधित महिला के रूप में फतह |
| माउंट एल्ब्रुस | 5,642 | यूरोप की सबसे ऊंची चोटी |
| माउंट किलिमंजारो | 5,895 | अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी, खराब मौसम में फतह |
यह तालिका छोंजिन की ऐतिहासिक उपलब्धियों को दर्शाती है।
इच्छाशक्ति की जीत, दिव्यांगों के लिए प्रेरणा
छोंजिन आंगमो की किलिमंजारो फतह दिव्यांग समुदाय के लिए नई उम्मीद है। खराब मौसम में भी उनका हौसला नहीं डगमगाया। यूनियन बैंक के सहयोग और उनके साहस से यह सफलता मिली। यह उपलब्धि साबित करती है कि सीमाएं केवल मन में होती हैं। छोंजिन दुनिया को संदेश दे रही हैं – विश्वास करें, तो कोई चोटी ऊंची नहीं। उनकी यह जीत दिव्यांगजन सशक्तिकरण की मिसाल है, जो लाखों लोगों को प्रेरित करेगी।
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