यमुनानगर, संजीव ओबेरॉय | वेब वार्ता
आवारा कुत्तों और पशुओं की बढ़ती समस्या पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के लिए यमुनानगर जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। बुधवार को नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद और अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में नगर निगम, NHAI, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, बीडीपीओ समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल नगर निगम तक सीमित नहीं है। सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग नगर निगम की तर्ज पर अपने क्षेत्र में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर और डॉग शेल्टर स्थापित करें। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना होगी और समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश नागरिकों की सुरक्षा और पशुओं के प्रति मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। आदेशों की अवहेलना स्वीकार्य नहीं होगी। संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आपसी समन्वय से नसबंदी कार्य तेज करें, ताकि कुत्तों की आबादी नियंत्रित हो और आमजन को राहत मिले।
चनेटी ABC सेंटर का निरीक्षण
बैठक के बाद आयुक्त महाबीर प्रसाद, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा और अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने चनेटी गांव में नगर निगम द्वारा स्थापित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सुविधाएं, पशुओं की देखभाल, नसबंदी प्रक्रिया, चिकित्सा व्यवस्था और साफ-सफाई का जायजा लिया।
आयुक्त ने स्टाफ को निर्देश दिए कि पशुओं के उपचार और देखभाल में कोई कमी न रहे। एनजीओ की देखरेख में नगर निगम कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण करेगा। उपचार के बाद उन्हें डॉग शेल्टर में रखा जाएगा। स्टाफ को पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए।
यह पहल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना और पशु कल्याण नियमों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण है। जिले में आवारा पशुओं और कुत्तों पर नियंत्रण के लिए सभी विभागों का सहयोग जरूरी है।




