सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
सोनीपत पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और आपसी एकजुटता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। पुलिस परिवार के एक साथी सिपाही संजय रमन की सात माह की बेटी, जो गंभीर बीमारी से जूझ रही है, के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह राशि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा स्वैच्छिक योगदान से एकत्र की गई।
पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय में सिपाही संजय रमन को उपचार सहायता का चेक सौंपा। इस मौके पर जिला पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। आयुक्त ने परिवार का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “सोनीपत पुलिस केवल एक विभाग नहीं, बल्कि एक परिवार है। संकट की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने पुलिस बल के सभी कर्मियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और सहयोग की भावना की सराहना की।
आयुक्त ने कहा कि सोनीपत पुलिस परिवार के हर सदस्य के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। उन्होंने सिपाही संजय रमन की बेटी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और उपचार के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
पुलिस परिवार की एकजुटता का प्रतीक
यह सहायता राशि पुलिसकर्मियों के स्वैच्छिक योगदान से जुटाई गई है। यह घटना दर्शाती है कि सोनीपत पुलिस बल न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि अपने साथियों के संकट में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा रहता है। सिपाही संजय रमन ने परिवार के साथ इस मुश्किल घड़ी में मिले समर्थन के लिए पुलिस परिवार का आभार व्यक्त किया।
सोनीपत पुलिस की यह पहल अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि जब संस्था के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो कोई भी संकट छोटा पड़ जाता है।
समाज में संवेदनशीलता का संदेश
इस तरह के कार्य समाज में सहयोग और मानवीयता का संदेश देते हैं। पुलिस आयुक्त ममता सिंह की अगुवाई में सोनीपत पुलिस ने साबित किया है कि वह न केवल कानून की रक्षा करता है, बल्कि अपने लोगों की भावनाओं और जरूरतों का भी ख्याल रखता है।
सोनीपत पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि वह एक परिवार की तरह है, जहां हर सदस्य एक-दूसरे के दुख में शामिल होता है।




