82 साल की ‘दादी’ के पेट में मिला 40 साल पुराना ‘स्टोन बेबी’: डॉक्टरों के होश उड़े, जानिए इस दुर्लभ रहस्य की सच्चाई!

विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

क्या आप यकीन करेंगे कि कोई महिला दशकों तक अपने पेट में एक ‘बच्चे’ को लिए घूमती रहे, बिना पता चले? यह कोई हॉरर स्टोरी नहीं, बल्कि मेडिकल साइंस की एक हैरान करने वाली सच्चाई है। 2013 में कोलंबिया की 82 साल की एक बुजुर्ग महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने पहले इसे ट्यूमर समझा, लेकिन एक्स-रे और सीटी स्कैन ने सबको चौंका दिया – पेट में कोई ट्यूमर नहीं, बल्कि 40 साल पुराना कैल्सीफाइड भ्रूण था, जो पूरी तरह पत्थर जैसा बन चुका था! इसे मेडिकल टर्म में लिथोपेडियन या स्टोन बेबी कहते हैं। क्या यह शरीर की अद्भुत सुरक्षा व्यवस्था है या प्रकृति का अनोखा चमत्कार?

कैसे बनता है ‘स्टोन बेबी’? विज्ञान की हैरान करने वाली प्रक्रिया

यह दुर्लभ स्थिति तब होती है जब गर्भावस्था एक्टोपिक (यूटेरस के बाहर, जैसे पेट में) हो जाती है। भ्रूण जीवित नहीं रह पाता, लेकिन शरीर उसे बाहर नहीं निकाल पाता। इंफेक्शन से बचाने के लिए शरीर कैल्शियम की परत चढ़ा देता है, जिससे भ्रूण पत्थर जैसा बन जाता है। यह प्रक्रिया सालों तक चल सकती है, बिना किसी बड़े लक्षण के। इस केस में महिला को 40 साल पहले प्रेग्नेंसी हुई थी, लेकिन पता नहीं चला। भ्रूण करीब 4 पाउंड का था और पूरी तरह कैल्सीफाइड!

Stone Babies: A Pictorial Essay With Insights From 25 Museal ...
दुनिया में कितने ऐसे मामले? चौंकाने वाले फैक्ट्स

मेडिकल लिटरेचर में सिर्फ 300 के करीब मामले दर्ज हैं – पहला 1582 में! सबसे पुराना ज्ञात केस 100 साल की महिला का, जो 50-60 साल तक लिथोपेडियन लिए रही। अल्जीरिया में 73 साल की महिला में 30 साल पुराना, चिले में 91 साल की एस्टेला मेलेंडेज में 60 साल पुराना स्टोन बेबी मिला। ज्यादातर केस बुजुर्ग उम्र में ही पता चलते हैं, जब कोई अन्य जांच होती है।

1x Replica of lithopedion calcified fetus Oddities / Cabinet of ...
क्या होता है इलाज? और क्यों रहस्य बना रहता है?

ज्यादातर मामलों में लक्षण नहीं होते, इसलिए दशकों तक पता नहीं चलता। जब पता चलता है, तो सर्जरी से निकाला जाता है, लेकिन बुजुर्ग उम्र में रिस्क ज्यादा होता है। कोलंबिया की महिला को सर्जरी की सलाह दी गई थी। आधुनिक मेडिसिन में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जल्दी पकड़ ली जाती है, इसलिए ऐसे केस अब कम हैं।

निष्कर्ष: शरीर का अनोखा रहस्य जो हैरान कर देता है

यह केस दिखाता है कि मानव शरीर कितना कमाल का है – मृत भ्रूण को इंफेक्शन से बचाने के लिए पत्थर बना देता है! लेकिन यह दुर्लभ और चौंकाने वाला है। प्रारंभिक जांच और जागरूकता से ऐसी स्थितियां रोकी जा सकती हैं। क्या आपने कभी ऐसा अनोखा मेडिकल केस सुना है? प्रकृति के रहस्य कभी खत्म नहीं होते!

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: What does it mean to be a Muslim in contemporary India?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles