Friday, February 13, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

केजीएमयू के SIB SHInE को मिला पेटेंट: पहनने वाला सेंसर पैच जो स्तन कैंसर की जल्दी पहचान करेगा – क्या यह महिलाओं की जिंदगी बदल देगा?

लखनऊअजय कुमार | वेब वार्ता

केजीएमयू के SIB SHInE – A wearable sensor patch for breast abnormality detection developed by researchers from the School of International Biodesign (SIB) – SHInE program, a collaboration between IIT Kanpur and King George’s Medical University (KGMU) Lucknow, sponsored by India’s Department of Biotechnology (DBT)

कल्पना कीजिए – एक छोटा सा पैच जो आप ब्रा के अंदर पहन सकती हैं, और वह चुपके से आपके स्तन स्वास्थ्य की निगरानी करता रहे! बिना किसी दर्द, बिना चीरे के, और रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बाधा नहीं। यह कोई साइंस फिक्शन नहीं, बल्कि हकीकत बन चुकी है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और आईआईटी कानपुर के संयुक्त कार्यक्रम SIB SHInE को “ए वेयरेबल सेंसर पैच फॉर ब्रेस्ट एब्नॉर्मैलिटी मॉनिटरिंग” के लिए पेटेंट मिल गया है। क्या यह उपकरण स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान में गेम-चेंजर साबित होगा?

इस जादुई पैच की खासियतें क्या हैं?

यह हल्का सेंसर पैच कई घंटों तक स्तन पर लगाया जा सकता है, अंतर्वस्त्रों के नीचे छिप जाता है और दैनिक कामकाज में कोई रुकावट नहीं डालता। नॉन-इनवेसिव तरीके से लगातार निगरानी करता है, जो प्रारंभिक असामान्यताओं को पकड़ सकता है। इससे महिलाओं को बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम होगी और समय पर इलाज संभव हो सकेगा।

IITK & KGMU SIB-SHInE Biodesign Program to nurture Innovation and ...
कहानी कैसे शुरू हुई?

यह आइडिया SIB SHInE के पहले कोहोर्ट में क्लिनिकल इमर्शन के दौरान आया। डॉ. पूजा रमाकांत (एंडोक्राइन सर्जरी, KGMU) के मार्गदर्शन में फेलो श्रेया नायर ने इस जरूरत को पहचाना। माइक्रोबायोलॉजी बैकग्राउंड वाली श्रेया ने आईआईटी कानपुर के प्रो. तुषार संधान की मदद से इसे प्रोटोटाइप बनाया। श्रेया ने तो ब्रेला इनोवेशन्स नाम से स्टार्टअप भी शुरू कर दिया! क्या यह युवा नवोन्मेषकों की नई पीढ़ी का कमाल है?

SIB SHINE Fellows Y'22-23 | IITK - KGMU Biodesign Program | Shreya M. Nair

SIB SHInE क्या है और क्यों खास?

SIB SHInE (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिज़ाइन – सिनर्ज़ाइजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप) KGMU और आईआईटी कानपुर का संयुक्त कार्यक्रम है, जो 2022 में DBT (जैव प्रौद्योगिकी विभाग) के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। डॉ. ऋषि सेठी (कार्यकारी निदेशक) कहते हैं – यह चिकित्सकों और इंजीनियरों को एक मंच पर लाकर रोगी-केंद्रित समाधान विकसित करता है। अब तक दो कोहोर्ट पूरे हो चुके हैं, चार स्टार्टअप्स बने हैं, और तीसरा कोहोर्ट जल्द शुरू होगा। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने टीम को बधाई दी – स्वदेशी नवाचार की यह मिसाल है!

King George's Medical University Heritage Building Lucknow (2026 ...

महिलाओं के स्वास्थ्य में नई उम्मीद

यह पेटेंट स्वदेशी मेडटेक को बढ़ावा देगा और रोगी देखभाल को बेहतर बनाएगा। क्या आने वाले दिनों में हर महिला के पास ऐसा पैच होगा? यह सवाल रोचक है, क्योंकि यह तकनीक स्तन स्वास्थ्य की निगरानी को घरेलू और आसान बना सकती है।

निष्कर्ष: नवाचार की नई मिसाल

KGMU-IIT कानपुर का यह सहयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। SIB SHInE का यह पेटेंट महिलाओं के लिए नई उम्मीद है – प्रारंभिक पहचान से कितनी जिंदगियां बच सकती हैं, सोचिए! योगी सरकार के स्वास्थ्य प्रयासों से ऐसे नवाचार फल-फूल रहे हैं। आगे क्या कमाल होंगे, देखते रहिए!

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: पीएनबी की हॉकी अकादमी का नवीनीकरण: युवा प्रतिभाओं को मिलेगा नया पंख, दिल्ली में हुई नई शुरुआत

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img