Friday, February 27, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

देवरिया सीजेएम कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका की खारिज, रिमांड पर फैसला आज होगा

देवरियाममता तिवारी | वेब वार्ता

उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक अहम न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है। धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मंगलवार को बड़ा झटका लगा, जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, मामले में पुलिस रिमांड को लेकर फैसला अब बुधवार को सुनाया जाएगा।

करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपने-अपने तर्क विस्तार से रखे। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी से जुड़ा एक मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।

जांच के दौरान मामले के तार देवरिया से भी जुड़े पाए गए, जिसके बाद देवरिया सदर कोतवाली में भी संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच पूरी करते हुए 10 दिसंबर 2025 को अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में देवरिया जेल भेज दिया गया था।

सीजेएम न्यायालय में सुनवाई का विवरण

मंगलवार को सीजेएम न्यायालय में जमानत याचिका और पुलिस रिमांड दोनों बिंदुओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान—

  • अमिताभ ठाकुर स्वयं न्यायालय में उपस्थित रहे

  • बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीन दुबे और अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने पैरवी की

  • अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए रिमांड की आवश्यकता पर जोर दिया

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त पूर्व में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रह चुके हैं, जांच में सहयोग कर रहे हैं और फरार होने की कोई आशंका नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और पुलिस रिमांड आवश्यक है।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

जमानत खारिज, रिमांड पर फैसला आज

लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, पुलिस रिमांड को लेकर फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा। अब अमिताभ ठाकुर को जमानत के लिए जिला जज न्यायालय का रुख करना होगा।

कानूनी जानकारों के अनुसार, जिला जज कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले की पूरी केस डायरी, जांच की प्रगति और रिमांड संबंधी आदेशों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

प्रमुख बिंदु एक नजर में

बिंदुविवरण
अभियुक्तपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर
मामलाधोखाधड़ी
पहली एफआईआरसितंबर 2025, तालकटोरा थाना, लखनऊ
दूसरी एफआईआरदेवरिया सदर कोतवाली
गिरफ्तारी10 दिसंबर 2025
जमानत फैसलाखारिज
रिमांड फैसलाबुधवार को
अगला विकल्पजिला जज न्यायालय में जमानत

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा

पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के कारण यह मामला न केवल कानूनी बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आमजन की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस रिमांड पर अदालत क्या फैसला सुनाती है और आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है।

निष्कर्ष

देवरिया सीजेएम न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किया जाना इस बात का संकेत है कि अदालत मामले को गंभीरता से ले रही है। अब सबकी निगाहें बुधवार को आने वाले रिमांड आदेश पर टिकी हैं, जो जांच की दिशा और गति को तय करेगा। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर और अहम मोड़ ले सकता है।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: देवरिया में जहरीला पदार्थ खाने से नवविवाहिता की मौत, पुलिस जांच में जुटी

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img