सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी योजना को लेकर जानबूझकर भ्रम और दुष्प्रचार फैला रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास के लिए एक ऐतिहासिक, पारदर्शी और दूरदर्शी पहल है, जिसका सीधा लाभ वास्तविक श्रमिकों तक पहुंचेगा।
मंगलवार को रेलवे रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, सोनीपत में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बड़ौली ने कहा कि यूपीए शासनकाल में मनरेगा का उद्देश्य टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण न होकर केवल खानापूर्ति तक सीमित रह गया था। उस दौर में योजना भ्रष्टाचार, फर्जी परियोजनाओं और धन की लूट का माध्यम बन गई थी। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते एक दशक में डिजिटल कनेक्टिविटी, डीबीटी, आधार लिंकिंग और बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार हुए हैं, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
वीबी-जी रामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
बड़ौली ने योजना की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मोदी सरकार ने रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है, जिससे श्रमिकों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति प्रणाली से फर्जी श्रमिकों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतान पर प्रभावी रोक लगेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि डीबीटी के माध्यम से वेतन का सीधा डिजिटल भुगतान होने से बिचौलियों, देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त होगी। इसके साथ ही जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए प्रत्येक परिसंपत्ति को इसरो के ‘भुवन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फर्जी परियोजनाओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
शिकायत निवारण और पारदर्शिता पर जोर
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है, जिसमें 7-दिवसीय निपटान समय सीमा तय की गई है। इससे श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित योजना
उन्होंने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना को चार मुख्य क्षेत्रों में केंद्रित किया गया है—
जल सुरक्षा
ग्रामीण अवसंरचना
आजीविका संसाधन
जलवायु संरक्षण
बड़ौली ने कहा कि यह कानून उन वास्तविक श्रमिकों के लिए है, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्षों तक ठगा। यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप ग्रामीण विकास को गति देने का माध्यम बनेगी।
पंजाब में मनरेगा घोटालों का हवाला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान मजदूरों ने शिकायत की कि मनरेगा के तहत उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा और ठेकेदार धन हड़प रहे हैं। सोशल ऑडिट में सामने आया कि 13,304 ग्राम पंचायतों में से केवल 5,915 में ऑडिट हुआ, जिसमें 10,663 वित्तीय गबन के मामले उजागर हुए, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
आय, मजदूरी और सामाजिक समावेशन के आंकड़े
उन्होंने कहा कि रोजगार दिवस बढ़ने से देश में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की औसत आय में करीब 7,000 रुपये की वृद्धि होगी, जबकि हरियाणा में यह लाभ कम से कम 10,000 रुपये होगा, क्योंकि यहां न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन है—जो देश में सर्वाधिक है। तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब में न्यूनतम मजदूरी 339 रुपये और हिमाचल प्रदेश में 236 रुपये प्रतिदिन है।
मुख्य आंकड़े (संक्षेप में):
| संकेतक | हरियाणा | पंजाब | हिमाचल प्रदेश |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम मजदूरी (₹/दिन) | 400 | 339 | 236 |
| रोजगार दिवस | 125 | — | — |
| आय में अनुमानित वृद्धि (₹/वर्ष) | 10,000+ | ~7,000 | ~7,000 |
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में 52% से अधिक अनुसूचित जाति और 65% से अधिक महिला श्रमिकों को रोजगार मिला है। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, ताकि ग्रामीण विकास राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हो।
जागरूकता अभियान और संगठनात्मक तैयारी
बड़ौली ने कहा कि भाजपा जल्द ही जिला और मंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर वीबी-जी रामजी योजना के बारे में जनता को जागरूक करेगी। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर योजना की जानकारी देंगे, ताकि विपक्ष किसी भी तरह से लोगों को भ्रमित न कर सके।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजेंद्र नेहरा, जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, मेयर राजीव जैन, वरिष्ठ नेता देवेंद्र कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
वीबी-जी रामजी योजना पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशी विकास का नया मॉडल प्रस्तुत करती है। डिजिटल प्रणालियों, बढ़े हुए रोजगार दिनों और सख्त निगरानी के साथ यह योजना श्रमिकों की आय बढ़ाने, गांवों की अवसंरचना मजबूत करने और जलवायु संरक्षण जैसे लक्ष्यों को एक साथ साधने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।








