हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और सख्त कार्रवाई का उदाहरण पेश किया है। कोतवाली शहर क्षेत्र में एक अधिवक्ता के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल पीड़ित अधिवक्ता को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में कानून का डर बनाए रखने और अपराधियों के हौसले पस्त करने का स्पष्ट संदेश भी देती है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, दिनांक 04 जनवरी 2026 को वादी रोहित सिंह पुत्र लल्लू सिंह, निवासी ग्राम नयागांव मुबारकपुर, थाना कोतवाली शहर, जनपद हरदोई द्वारा थाने में एक लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में रोहित सिंह ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उनके और उनके एक साथी के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
घटना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली शहर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला न केवल आपसी विवाद का था, बल्कि इसमें जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल थीं, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता था।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
वादी की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में मु0अ0सं0 07/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। इनमें शामिल हैं:
धारा 352
धारा 351(3)
धारा 109(1)
धारा 110
धारा 3(5)
इन धाराओं के अंतर्गत मारपीट, आपराधिक धमकी और सहयोगी अपराध जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने नामजद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
| अभियुक्त का नाम | पिता का नाम | निवास स्थान |
|---|---|---|
| रामकृपाल उर्फ छोटू | सुरेश | ग्राम रामपुर कोड़ा, पोस्ट चंदेली, थाना मझिला, हरदोई |
| जतिन उर्फ शशांक त्रिवेदी | प्रदीप कुमार | मोहल्ला औलादगंज, कस्बा व थाना सांडी, हरदोई |
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख
इस घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में चिंता का माहौल देखा गया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में भरोसा भी बढ़ा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से जुड़े लोगों या किसी भी नागरिक के साथ इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलाना पुलिस की जिम्मेदारी है।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
हरदोई पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई सरकार की उस नीति को भी दर्शाती है, जिसमें अपराध और अपराधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” का संदेश दिया गया है। जिले में लगातार गश्त, त्वरित एफआईआर और समयबद्ध गिरफ्तारी जैसे कदमों से कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
निष्कर्ष
अधिवक्ता के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर मामले में हरदोई पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सराहनीय है। दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी से न केवल पीड़ित को पूरा न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।








