लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई ग्राम चौपाल (गांव की समस्या—गांव में समाधान) योजना अब जनता के दिलों में जगह बना रही है। डबल इंजन सरकार खुद गांव और गरीबों के द्वार पहुंच रही है। प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में हर शुक्रवार को आयोजित होने वाली इन चौपालों से न केवल व्यक्तिगत शिकायतों का निस्तारण हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक समस्याओं का समाधान भी गांव में ही हो रहा है। चौपालों से ग्रामीण विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है और सोशल सेक्टर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चौपालों का आयोजन विधिवत होता रहे। चौपालों से पहले गांवों में सफाई पर विशेष फोकस और प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
शुक्रवार को 1326 चौपालों में 3295 शिकायतों का निस्तारण
ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश की 1326 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। इनमें 3295 प्रकरणों का गांव में ही निस्तारण कर दिया गया। चौपालों में 3295 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी और 5599 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे। 64 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की।
अब तक के आंकड़े
- आयोजित चौपालें: 1 लाख 80 हजार से अधिक।
- निस्तारित शिकायतें/प्रकरण: 6 लाख से अधिक।
यह योजना ग्रामीणों को घर बैठे न्याय और राहत प्रदान कर रही है। व्यक्तिगत समस्याओं के अलावा सार्वजनिक मुद्दों जैसे सफाई, सड़क, पानी, बिजली आदि का भी समाधान हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “ग्राम चौपालें डबल इंजन सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। गांवों में विकास की गति तेज हो रही है।”
यह पहल उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और जनकल्याण की नई मिसाल बन रही है।




