देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया के पूर्व एसपी और सेवानिवृत्त IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर गुरुवार शाम से देवरिया जेल में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। शुक्रवार को सीजेएम न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद जेल लौटते समय उन्होंने पत्रकारों से कहा कि शाहजहांपुर में गिरफ्तारी और सदर कोतवाली में रखे जाने के दौरान का CCTV फुटेज उपलब्ध कराया जाए। ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है, लेकिन साक्ष्य नहीं दिए जा रहे। इसलिए आमरण अनशन पर हूं। जब तक फुटेज नहीं मिलेगा, अनशन जारी रहेगा।”
यह मामला प्लॉट खरीद में कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। ठाकुर की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन फैसला सुरक्षित रखा गया। कड़ी सुरक्षा में उन्हें न्यायालय लाया-ले जाया गया।
मामला क्या है? प्लॉट खरीद में फर्जीवाड़े का आरोप
अमिताभ ठाकुर लखनऊ के गोमतीनगर विराम खंड के निवासी हैं। 1999 में देवरिया एसपी रहते उन्होंने पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि प्लॉट खरीद दस्तावेजों में नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी और अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात लिखा गया।
- सितंबर 2025: लखनऊ के तालकटोरा थाने में FIR दर्ज।
- जांच: SIT गठित।
- देवरिया में केस: सदर कोतवाली में भी मुकदमा।
- 10 दिसंबर: पुलिस ने गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जेल भेजा गया।
जमानत याचिका अधिवक्ता प्रवीन दुबे और अभिषेक शर्मा ने दायर की। शुक्रवार को सुनवाई हुई, लेकिन फैसला सुरक्षित।
आमरण अनशन की वजह: CCTV फुटेज की मांग
ठाकुर ने कहा कि गिरफ्तारी और कोतवाली में रखे जाने के दौरान का CCTV फुटेज मांगा है, लेकिन नहीं दिया जा रहा। आरोप लगाया कि पुलिस साक्ष्य मिटा रही है ताकि कर्मियों को बचाया जाए। अनशन गुरुवार शाम से शुरू, जेल में जारी।
पुलिस और न्यायालय की स्थिति
देवरिया पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की, लेकिन अनशन पर टिप्पणी नहीं की। सीजेएम कोर्ट में जमानत पर अगली सुनवाई जल्द। ठाकुर ने कहा, “न्यायालय पर भरोसा है, लेकिन साक्ष्य जरूरी।”
अमिताभ ठाकुर का बैकग्राउंड
अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं। वे भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों और RTI एक्टिविज्म के लिए जाने जाते हैं। देवरिया में 1999 में एसपी रह चुके हैं। पत्नी नूतन ठाकुर भी सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
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