इस्लामाबाद (वेब वार्ता)। अफगानिस्तान के साथ हालिया संघर्ष ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है। देश के घरेलू बाजार में टमाटर की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जो रसोई का अभिन्न हिस्सा है। लाहौर-कराची समेत बड़े शहरों में टमाटर ₹700 प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि कुछ हफ्ते पहले यह ₹100 था। बाढ़, व्यापार बाधा और अफगानिस्तान से आयात रुकने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। आम पाकिस्तानी परिवारों पर बोझ बढ़ा है, जबकि सरकारी दरों (₹170-175 प्रति किलो) की अनदेखी हो रही है।
अफगानिस्तान संघर्ष का असर: आयात रुका, बाजार प्रभावित
पाकिस्तान का 70% टमाटर आयात अफगानिस्तान से होता है। हालिया संघर्ष से सीमा पर तनाव बढ़ा, जिससे निर्यात रुक गया। ईरानी टमाटर आ रहे हैं, लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फसल बर्बाद होने से स्थानीय आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापार बाधा और सैन्य तनाव से कीमतें कई गुना बढ़ीं।
पंजाब प्रांत सबसे प्रभावित है, जहां बाढ़ ने खेत बर्बाद कर दिए।
शहरों में टमाटर कीमतें: सरकारी दरों की अनदेखी
| शहर | बाजार मूल्य (₹/किलो) | सरकारी दर (₹/किलो) |
|---|---|---|
| झेलम | 700 | 170 |
| गुजरांवाला | 575 | 170 |
| मुल्तान | 450 | 170 |
| फैसलाबाद | 500 | 170 |
| लाहौर | 400 | 175 |
स्रोत: समा टीवी, पाकिस्तानी मीडिया
झेलम और गुजरांवाला में कीमतें सबसे अधिक हैं।
आम पाकिस्तानी परिवार पर बोझ: रसोई का खर्च बढ़ा
टमाटर की कीमतों में 7 गुना वृद्धि से रोजमर्रा का खर्च बढ़ गया है। एक गुजरांवाला निवासी ने कहा, “100 रुपये का टमाटर अब 575 रुपये का। परिवार का बजट बिगड़ गया है।” बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फसल बर्बादी से स्थानीय उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
अफगानिस्तान संघर्ष का असर: आयात रुकने से संकट
अफगानिस्तान से टमाटर आयात 70% है। संघर्ष से सीमा बंद, ईरानी आयात भी प्रभावित। व्यापारियों का कहना है, “सीमा तनाव से आपूर्ति चेन टूट गई।”
पाकिस्तान सरकार ने सब्जी आयात पर सब्सिडी की घोषणा की है, लेकिन प्रभाव सीमित है।




