बॉयोकैमिस्ट्री की मेधावी छात्रा अंशिका त्रिवेदी को लखनऊ विश्वविद्यालय में मिले दो गोल्ड मेडल

लखनऊ, (वेब वार्ता)। लखनऊ विश्वविद्यालय के बॉयोकैमिस्ट्री विभाग में एमएससी 2025 की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली मेधावी छात्रा अंशिका त्रिवेदी को दो गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। बुधवार को विश्वविद्यालय के 68वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अंशिका को ये पदक प्रदान किए। अंशिका ने न केवल अपने विभाग बल्कि पूरे विज्ञान संकाय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें प्रोफेसर एसके अग्रवाल स्वर्ण पदक और प्रोफेसर एसके कृष्णन स्वर्ण पदक मिले।

अंशिका का शानदार शैक्षणिक सफर

आईटी कॉलेज से स्नातक करने के बाद अंशिका ने लखनऊ विश्वविद्यालय के बॉयोकैमिस्ट्री विभाग में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में दाखिला लिया था। एमएससी में सर्वश्रेष्ठ अंक हासिल करने के बाद अब उनका चयन आईआईटी धारवाड़ में शोध के लिए हो गया है। अंशिका ने बताया कि उनकी रुचि बॉयोकैमिस्ट्री में दवाओं के विकास में है।

“मैं शोध के माध्यम से नई दवाएं विकसित करना चाहती हूं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हों। लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों और परिवार के समर्थन से यह संभव हुआ है।”
– अंशिका त्रिवेदी

अंशिका के पिता अजय त्रिवेदी एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि माता संध्या त्रिवेदी गृहिणी हैं। परिवार ने अंशिका की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह मुकाम हासिल कराया।

दीक्षांत समारोह की झलकियां

लखनऊ विश्वविद्यालय का 68वां दीक्षांत समारोह कला संकाय प्रांगण में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की और मेधावी छात्रों को पदक वितरित किए। इस वर्ष कुल 198 पदकों में से 153 पदक (77%) छात्राओं ने हासिल किए, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। अंशिका त्रिवेदी की उपलब्धि इस समारोह की प्रमुख आकर्षण रही।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा, “अंशिका जैसी छात्राएं उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण हैं। हमारी सरकार युवाओं को शोध और नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर रही है।”

अंशिका की भविष्य की योजनाएं

आईआईटी धारवाड़ में शोध के लिए चयनित होने के बाद अंशिका का लक्ष्य बॉयोकैमिस्ट्री के क्षेत्र में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि वे कैंसर और अन्य बीमारियों के लिए नई दवाओं पर काम करना चाहती हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के बॉयोकैमिस्ट्री विभाग के प्रमुख ने अंशिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह विभाग की गौरव हैं।

इस उपलब्धि से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिल रही है। सोशल मीडिया पर अंशिका की सफलता की चर्चा हो रही है, जहां युवा उन्हें बधाई दे रहे हैं।

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