अयोध्या, (वेब वार्ता)। भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे ने शुक्रवार को अपनी पत्नी के साथ राम नगरी अयोध्या का दौरा किया और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला का दर्शन-पूजन किया। यह दौरा ऐतिहासिक रहा, क्योंकि वे अयोध्या पहुंचने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री बने। इस दौरे ने भारत और भूटान के बीच गहरे सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत किया। अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उनका अभिनंदन किया।
भूटान पीएम का अयोध्या दौरा: भव्य स्वागत और आध्यात्मिक अनुभव
राम नगरी में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे का स्वागत पारंपरिक भारतीय आतिथ्य के साथ किया गया। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस अवसर पर पारंपरिक संगीत और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भारत-भूटान की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित किया।
तोबगे ने अपनी पत्नी के साथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रवेश किया और वहां राम लला की पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में लगभग दो घंटे बिताए, जहां उन्होंने मंदिर के भव्य निर्माण और वास्तुकला का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ रामायण की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता पर चर्चा की। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने इस दौरे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
“भूटान के प्रधानमंत्री का यह दौरा राम मंदिर के वैश्विक महत्व को दर्शाता है। उन्होंने मंदिर की सुंदरता और आध्यात्मिकता की सराहना की।”
संत दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी इस दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“यह दौरा भारत-भूटान के संबंधों को और मजबूत करेगा। राम लला का दर्शन सभी के लिए शांति और समृद्धि का संदेश देता है।”
भारत-भूटान संबंधों की मजबूती का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भूटान के प्रधानमंत्री के दौरे को भारत-भूटान के मजबूत संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा:
“भूटान के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे का यह दौरा इन संबंधों को और गहरा करेगा। अयोध्या आने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री होने का गौरव उन्हें प्राप्त हुआ है।”
भारत और भूटान के बीच लंबे समय से व्यापार, सीमा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में घनिष्ठ संबंध रहे हैं। तोबगे का यह दौरा राम मंदिर को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, तोबगे ने रामायण की सार्वभौमिक शिक्षाओं पर विचार-विमर्श किया और मंदिर की वास्तुकला की प्रशंसा की।
अयोध्या में सुरक्षा और व्यवस्था
भूटान के प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर अयोध्या में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने एयरपोर्ट से मंदिर तक के रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित किया। दौरे के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद तोबगे ने स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया, जो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती थीं।
राम मंदिर का वैश्विक महत्व
श्री राम जन्मभूमि मंदिर न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। भूटान के प्रधानमंत्री का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि राम मंदिर विश्व भर में आस्था और संस्कृति का केंद्र बन रहा है। यह दौरा न केवल भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि रामायण की शिक्षाओं को वैश्विक मंच पर ले जाने में भी सहायक होगा।








