Wednesday, January 14, 2026
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दिल्ली पुलिस ने अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़: 117.75 ग्राम स्मैक बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, रिज़वान खान (वेब वार्ता)। दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड (ANS) ने ड्रग्स के खिलाफ अपने अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कुल 117.75 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

ऑपरेशन का खुलासा: कैसे पकड़ा गया सिंडिकेट?

एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड को गुप्त सूचना मिली थी कि मंडावली क्षेत्र का रहने वाला प्रदीप कुमार पाल, जो पहले भी ड्रग तस्करी के मामलों संलिप्त रह चुका है, फिर से स्मैक बेचने के धंधे में लिप्त है। इस सूचना के आधार पर ANS ने सटीक रणनीति बनाई और गुप्त निगरानी शुरू की।

28 अगस्त 2025 को पुलिस ने अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास लक्ष्मी नगर रेलवे ब्रिज पर एक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान बदायूं, उत्तर प्रदेश के निवासी तल्हा अज़हर उर्फ चिंटू (22 वर्ष) को पकड़ा गया। उसके पास से 94.53 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इस मामले में मंडावली थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान तल्हा ने खुलासा किया कि वह स्मैक बदायूं के आज़म अली (23 वर्ष) से प्राप्त करता था और इसे दिल्ली में प्रदीप कुमार पाल (33 वर्ष) को सप्लाई करता था। इस जानकारी के आधार पर 30 अगस्त को पुलिस ने प्रदीप को मंडावली से गिरफ्तार किया और उसके पास से 23.22 ग्राम स्मैक बरामद की। इसके बाद पुलिस ने बदायूं में सघन तलाशी अभियान चलाया और ड्रग्स के स्रोत आज़म अली को भी धर दबोचा।

ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क और कार्यप्रणाली

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि तल्हा और प्रदीप की मुलाकात लगभग दो साल पहले पटपड़गंज में हुई थी, जब तल्हा फल का ठेला लगाता था। फल के व्यवसाय में घाटा होने के बाद तल्हा ने ड्रग तस्करी का रास्ता चुना। वह बदायूं से स्मैक लाता और प्रदीप के जरिए इसे दिल्ली में छोटे-छोटे पाउच में बेचता था। आज़म अली इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था, जो स्मैक को उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त करता था।

पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट का मकसद सिर्फ आर्थिक लाभ कमाना था। प्रदीप कुमार पाल पहले भी ड्रग तस्करी के दो मामलों में गिरफ्तार हो चुका है, जिससे पता चलता है कि वह इस अवैध धंधे का अनुभवी अपराधी है। तल्हा और आज़म के लिए यह धंधा आसान और तेज़ कमाई का जरिया बन गया था।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  1. प्रदीप कुमार पाल (33 वर्ष)

    • निवास: मंडावली, दिल्ली

    • भूमिका: ड्रग पेडलर

    • आपराधिक रिकॉर्ड: पहले दो मामले NDPS एक्ट के तहत दर्ज

  2. तल्हा अज़हर उर्फ चिंटू (22 वर्ष)

    • निवास: बदायूं, उत्तर प्रदेश

    • भूमिका: ड्रग कैरियर

  3. आज़म अली (23 वर्ष)

    • निवास: बदायूं, उत्तर प्रदेश

    • भूमिका: ड्रग सप्लायर/स्रोत

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

  • कुल बरामद स्मैक: 117.75 ग्राम

  • कानूनी कार्रवाई: NDPS एक्ट के तहत मंडावली थाने में मामला दर्ज

  • मूल्य: अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्मैक की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने बताया कि बरामद स्मैक को छोटे-छोटे पाउच में पैक करके दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बेचा जा रहा था। यह ड्रग मुख्य रूप से युवाओं और नशे के आदी लोगों को लक्षित करता था।

पुलिस की भविष्य की रणनीति

पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ड्रग तस्करी के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली को नशा-मुक्त बनाया जाए।”

पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि जांच के दौरान इस नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शनों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों में, की पड़ताल की जा रही है। ड्रग्स के स्रोत और वितरण चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए तकनीकी और मानव निगरानी का सहारा लिया जा रहा है।

नशे के खिलाफ दिल्ली पुलिस की मुहिम

दिल्ली पुलिस ने हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं। उदाहरण के लिए, जून 2025 में पुलिस ने 348 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत 1.75 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, जुलाई 2025 में 1.5 किलोग्राम अल्प्राजोलम और 606 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। ये ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का हिस्सा हैं, जिसके तहत अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।

निष्कर्ष: नशा मुक्त दिल्ली की ओर कदम

यह सफलता दिल्ली पुलिस की नशे के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और 117.75 ग्राम स्मैक की बरामदगी से न केवल एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, बल्कि समाज में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने की दिशा में भी एक मजबूत संदेश दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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