नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर शुक्रवार सुबह एक गंभीर तकनीकी खराबी के चलते सेवाएं लगभग चार घंटे से अधिक समय तक बाधित रहीं। इस घटना ने सुबह के व्यस्त समय में यात्रा कर रहे हजारों यात्रियों, जिनमें स्कूली बच्चे और ऑफिस जाने वाले लोग शामिल थे, की दिनचर्या को ठप्प कर दिया।
यह समस्या सुबह लगभग 7:25 बजे शुरू हुई, जब नई दिल्ली और पटेल चौक स्टेशनों के बीच एक सिग्नलिंग समस्या उत्पन्न हुई। इसके बाद से ही कश्मीरी गेट और पटेल चौक के बीच के हिस्से पर मेट्रो ट्रेनों को सीमित गति (25 किमी प्रति घंटा) पर चलाना पड़ा।
यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें
इस तकनीकी गड़बड़ी का सीधा असर येलो लाइन के कई प्रमुख स्टेशनों पर देखा गया। हौज खास इंटरचेंज स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई यात्रियों ने शिकायत की कि जीटीबी नगर से विश्वविद्यालय तक की दूरी, जो आमतौर पर कुछ ही मिनटों में तय हो जाती है, आज लगभग 50 मिनट में पूरी हुई।
एक यात्री ने बताया, “मैं रोजाना राजीव चौक से कश्मीरी गेट जाता हूं। आज मुझे एक अनजान स्टेशन पर लगभग 20 मिनट तक फंसे रहना पड़ा। ऑफिस पहुंचने में बहुत देरी हो गई।”
डीएमआरसी की प्रतिक्रिया और बहाली के प्रयास
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने तुरंत अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से यात्रियों को सूचित करना शुरू कर दिया। DMRC ने एक बयान में कहा कि उनकी टीमें समस्या का समाधान करने में जुटी हुई हैं।
डीएमआरसी के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल ने कहा, “मेंटिनेंस स्टाफ की एक टीम, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में, प्रभावित क्षेत्र में समस्या को दूर करने के लिए काम कर रही है। ट्रेनों और स्टेशनों के अंदर अनाउंसमेंट के जरिये यात्रियों को लगातार सूचित किया जा रहा है।”
दोपहर लगभग 12 बजे तक, तकनीकी दल द्वारा समस्या का समाधान कर लिया गया और धीरे-धीरे सेवाएं सामान्य होने लगीं। हालांकि, इस दौरान पूरी येलो लाइन पर कुछ ट्रेनों के जमावड़े और देरी का असर काफी देर तक रहा।
इस घटना ने एक बार फिर से एक महानगर में सार्वजनिक परिवहन की अहमियत और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




