विकसित भारत के निर्माण में सीपीएसई की अहम भूमिका, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने SCOPE पुरस्कारों की घोषणा की

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नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (सीपीएसई) वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) केवल आर्थिक और वित्तीय योगदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संतुलित एवं समावेशी विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने यहां एक समारोह में वर्ष 2022-23 के लिए स्कोप (SCOPE) इमिनेंस अवॉर्ड प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार सार्वजनिक उपक्रमों के बहुआयामी योगदान का उत्सव हैं। किसी भी अच्छे उपक्रम की पहचान उसके सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और नैतिक सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन से होती है।”

सार्वजनिक क्षेत्र का ऐतिहासिक योगदान

राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही सार्वजनिक क्षेत्र देश के औद्योगिकीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक उत्थान और क्षेत्रीय संतुलन के लिए एक सशक्त साधन रहा है। उन्होंने कहा, “समय के साथ सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका और अपेक्षाएं बदली हैं, लेकिन बदलते परिवेश में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

आत्मनिर्भर भारत में भूमिका

राष्ट्रपति ने खुशी व्यक्त की कि सीपीएसई आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान स्वदेशी एयर डिफेंस कंट्रोल और रिपोर्टिंग सिस्टम ‘आकाशतीर’ की अद्वितीय क्षमता का उल्लेख किया और कहा कि इसकी सफलता में सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान गर्व की बात है।

विविध क्षेत्रों में योगदान

राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि, खनन, अन्वेषण, विनिर्माण, प्रसंस्करण, ऊर्जा उत्पादन और सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा, “PSU हर चुनौती का सामना करते हुए देश के लिए आत्मनिर्भर नवाचार और तकनीकी प्रगति के मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।”

भविष्य की अपेक्षाएं

राष्ट्रपति ने अपेक्षा जताई कि सार्वजनिक उपक्रम अपने निर्णय राष्ट्र निर्माण को समर्पित करेंगे, उनके कार्य नैतिकता पर आधारित होंगे और उनकी सोच सामाजिक सेवा एवं संवेदनशीलता से प्रेरित होगी। उन्होंने स्कोप की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सतत विकास, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य को पहचान देकर उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

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