नई दिल्ली, रिज़वान खान (वेब वार्ता)। पूर्वी दिल्ली पुलिस ने एक बड़े रंगदारी मामले का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक स्थानीय ज्वेलर से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ₹25 लाख की रंगदारी की मांग की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट भी सुरक्षित किया है, जिसका इस्तेमाल ज्वेलर को धमकी भरे मैसेज भेजने के लिए किया गया था।
क्या था पूरा मामला?
12 अगस्त, 2025 को थाना कल्याणपुरी में M/s गिरी ज्वेल महल के एक डायरेक्टर ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज मिले हैं, जिनमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ₹25 लाख की रंगदारी मांगी गई है। मामले की तुरंत गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने धारा 308(4) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
मामले की जांच के लिए पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ और थाना कल्याणपुरी की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक और एसएचओ मुकेश कुमार ने किया।
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, मानव खुफिया सूचनाओं और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उनके ठिकानों का पता लगाया। इसके बाद पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया।
इस अभियान के तहत पुलिस ने पंजाब के तरन तारन और गुरदासपुर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
दिल्ली पुलिस @DCPEastDelhi के स्पेशल स्टाफ व कल्यानपुरी थाने की टीम ने ₹25 लाख की रंगदारी मांगने वाले 3 अपराधियों को किया गिरफ्तार
अपराधियों ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकाकर कल्यानपुरी के ज्वैलर से की थी रंगदारी की मांग
पुलिस टीम ने तकनीकी सर्वेलेंस के आधार पर पंजाब के 3… pic.twitter.com/ohwDSiykGl
— Delhi Police (@DelhiPolice) August 27, 2025
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- रोहित भुल्लर (23 वर्ष): निवासी गांव अलगांव खुर्द, जिला तरन तारन, पंजाब।
- अर्शदीप सिंह उर्फ करण (21 वर्ष): निवासी गांव तेजा कलां, बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब।
पुलिस की चेतावनी
पूर्वी दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सफलता हासिल कर अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश दिया है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कराने और पुलिस से सहयोग करने से ही अपराधियों को पकड़ना आसान होता है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी किसी बड़े गैंग का हिस्सा नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर के अपराधी हैं, जो किसी बड़े गैंगस्टर का नाम लेकर लोगों को डराकर पैसे ऐंठने का काम कर रहे थे।
फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।