टिस पीएचडी छात्र का निलंबन, राष्ट्र हित में नहीं गतिविधियों का आरोप

मुंबई, (वेब वार्ता)। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर पीएचडी के एक छात्र को दो वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। संस्थान का कहना है, छात्र ने टिस के बैनर तले दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जो देश हित में नहीं है। संस्थान ने छात्र के मुंबई, तुलजपुर, हैदराबाद और गुवाहाटी कैंपस में प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी है।

विवादास्पद वक्ताओं को बुलाकर भगत सिंह पर व्याख्यानमाला; अयोध्या के समारोह का अपमान

टिस ने छात्र रामदास प्रिनिसिवनंदन (30) को नोटिस भेजकर कहा कि उसने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का अपमान करने के लिए डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया। कैंपस में बीबीसी के प्रतिबंधित वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया। विवादास्पद वक्ताओं को बुलाकर भगत सिंह पर व्याख्यानमाला की। ये बेहद गंभीर मुद्दे हैं।

नोटिस और निलंबन के खिलाफ अपील करेगा छात्र

टाटा इंस्टीट्यूट की तरफ से जारी नोटिस के मुताबिक, ‘स्पष्ट है, छात्र अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जानबूझकर और इरादतन देशविरोधी गतिविधियों में शामिल रहा। टिस ने कहा कि छात्र का आचरण देशहित में नहीं है और एक सार्वजनिक संस्थान होने के कारण टिस यह बर्दाश्त नहीं करेगा।  उधर, आरोपी छात्र ने कहा है कि वह इस निलंबन के खिलाफ अपील करेगा।

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