नागपुर, (वेब वार्ता)। शनिवार को नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पति को मजबूरन अपनी पत्नी के शव को बाइक से बांधकर घर ले जाना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया है।
हादसे का पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से सिवनी (मध्य प्रदेश) के रहने वाले अमित यादव (36) अपनी पत्नी ग्यारसी यादव (35) के साथ कहीं जा रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मारी। इस हादसे में ग्यारसी सड़क पर गिर गईं और ट्रक उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गया। मौके पर मौजूद अमित यादव ने आसपास से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी वाहन चालक मदद के लिए नहीं रुका।
मजबूरी में लिया ऐसा कदम
किसी भी मदद के अभाव में और बिना किसी अन्य विकल्प के, अमित यादव ने अपनी पत्नी के शव को बाइक पर मजबूरी में बांध लिया। वह अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए शव को घर ले जा रहे थे। घटना की भयावहता और पति की मजबूरी को देखकर लोगों का दिल टूट गया।
पुलिस की कार्रवाई
बाद में पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर बाइक को रोक लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागपुर के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज भेजा। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे की पूरी जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नागपुर-जबलपुर हाईवे पर हादसे में पत्नी की मौत के बाद मदद न मिलने पर पति ने शव बाइक पर बांधकर गांव पहुंचाया।
कैसे संवेदनहीन, निर्लज्ज हो चुके हैं लोग 😡😡 pic.twitter.com/7Q7devvxMs
— With Priyanka Gandhi (@FanPriyankaGV) August 11, 2025
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया यूजर्स ने न केवल हादसे की निंदा की है, बल्कि प्रशासन और सड़क सुरक्षा के प्रति सवाल भी उठाए हैं। कई लोग इस दर्दनाक स्थिति में फंसे पति के साहस की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ ने दुर्घटना के लिए ट्रक चालक और सड़क सुरक्षा नियमों की पालना न करने वालों को जिम्मेदार ठहराया है।
सड़क सुरक्षा और मदद की आवश्यकता
यह घटना हमें सड़क सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है और साथ ही आपातकालीन स्थिति में लोगों की मदद करने की सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचय देती है। अगर मौके पर किसी ने सहायता प्रदान की होती, तो शायद इस घटना का दर्दनाक अंत न होता।




