दिल्ली के सर्वोदय विद्यालय में ऐतिहासिक प्लेसमेंट ड्राइव, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जताई उम्मीद

सरकारी स्कूल के बच्चों को जॉब ऑफर देने पहुंचीं 30 कंपनियां

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एक अभूतपूर्व पहल में राजधानी के रोहिणी स्थित सर्वोदय विद्यालय में व्यावसायिक प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया, जिसमें 30 से अधिक नामी कंपनियों ने भाग लिया और दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों को नौकरी के मौके दिए। यह एक क्रांतिकारी कदम है जो यह दर्शाता है कि अब सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले छात्र भी प्रतिष्ठित कॉरपोरेट सेक्टर में अपना भविष्य बना सकते हैं।

व्यावसायिक शिक्षा को मिली नई उड़ान

इस प्लेसमेंट ड्राइव में टेक महिंद्रा, एचसीएल, हल्दीराम, नवगुरुकुल और सिटीकार्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने उन छात्रों को नौकरी की पेशकश की, जिन्होंने 2024-25 या उससे पहले 12वीं की पढ़ाई व्यावसायिक शिक्षा के साथ पूरी की है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में 4.2 लाख से अधिक छात्रों ने विभिन्न व्यवसायिक कोर्स चुने, जिससे यह सिद्ध होता है कि स्किल-बेस्ड लर्निंग अब मुख्यधारा का हिस्सा बन चुकी है

मंत्री आशीष सूद का बड़ा ऐलान

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा:

“यह केवल प्लेसमेंट ड्राइव नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि दिल्ली के सरकारी स्कूल अब मात्र शिक्षा नहीं बल्कि अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। आने वाले 5 सालों में सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव होंगे, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का फर्क खत्म होगा।”

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दिल्ली प्लेसमेंट ड्राइव में छात्रों से बातचीत करते शिक्षा मंत्री

भविष्य की तैयारी: स्मार्ट क्लासरूम और एडवांस लैब्स

  • कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, रोबोटिक्स लैब, डाटा साइंस, ICT लैब्स और निजी कंप्यूटर की सुविधा दी जाएगी।

  • छात्रों को भविष्य की तकनीकों से अवगत कराने की दिशा में यह एक ट्रांसफॉर्मेटिव एजुकेशनल मूवमेंट है।

छात्रों और अभिभावकों में उत्साह

प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान छात्रों और उनके अभिभावकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। छात्रों ने इस अवसर को “जीवन बदलने वाला” बताया, वहीं अभिभावकों ने दिल्ली सरकार की इस पहल की खुले दिल से सराहना की।

शिक्षा सचिव और स्थानीय विधायक की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, क्षेत्रीय विधायक राजकुमार चौहान भी मौजूद रहे। इन सभी ने मंच से छात्रों को प्रोत्साहित किया और आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार आने वाले वर्षों में शिक्षा प्रणाली में आधारभूत परिवर्तन करने जा रही है।

निष्कर्ष: सरकारी स्कूल बनेंगे ग्लोबल एजुकेशन मॉडल

यह प्लेसमेंट ड्राइव न केवल सरकारी स्कूलों के छात्रों को नौकरी देने का माध्यम बनी, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत का शिक्षा मॉडल अब स्किल-केंद्रित हो रहा है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में गिरावट आएगी, बल्कि छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

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