Friday, February 13, 2026
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श्रावण मास की भक्ति में सराबोर करणी सेना ने लगाया तहरी भंडारा, कांवड़ियों को वितरित हुआ प्रसाद

-हरदोई के कछौना में डबल नहर पर हुआ आयोजन, ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा क्षेत्र

हरदोई, लक्ष्मी कान्त पाठक (वेब वार्ता)। श्रावण मास की पावन बेला में शिवभक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब भारतीय करणी सेना के तत्वावधान में कछौना के डबल नहर पर रविवार को भव्य तहरी भोज भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रावण मास के तृतीय सोमवार की पूर्व संध्या पर किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में कांवड़ियों ने भाग लिया।

जिला अध्यक्ष रमन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस भंडारे की शुरुआत दोपहर लगभग दो बजे हुई और यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। मेंहदीघाट व आसपास के गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थों ने भंडारे में पहुंचकर तहरी का प्रसाद ग्रहण किया और “हर हर महादेव” व “बोल बम” के नारों के साथ शिवभक्ति में लीन नजर आए।

भक्ति से भरा माहौल:
पूरा क्षेत्र इस दौरान शिवरंग में रंग गया। डीजे की भक्तिमय धुनों पर झूमते कांवड़िए ‘बम बम भोले’ का उद्घोष करते रहे, जिससे वातावरण गूंज उठा।

उपस्थित प्रमुखजन:
इस भंडारे में करणी सेना के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • रमन सिंह (जिलाध्यक्ष, भारतीय करणी सेना)

  • ओपी राठौर

  • दुर्गेश सिंह

  • मधुकर सिंह

  • सौरभ सिंह

  • उमाशंकर गुप्ता

  • वरिष्ठ पत्रकार अरुण शुक्ला

  • हिमांशु श्रीवास्तव (साईं बाबा)

  • राजेश मांझी (शोले बाबा)

  • अनूप सिंह

  • सुखवीर सिंह सेंगर

  • मानस श्रीवास्तव

  • रवी सिंह

  • राजू
    …सहित करणी सेना के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने कांवड़ियों की सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाई।

सेवा का संदेश:

जिलाध्यक्ष रमन सिंह ने बताया कि यह आयोजन पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सामूहिक श्रद्धा और सेवा भाव का प्रतीक है। उनका कहना था, “कांवड़ यात्रा में आने वाले हर श्रद्धालु की सेवा करना करणी सेना का संकल्प है। शिवभक्तों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”

श्रावण मास में पुण्य का संगम:

श्रावण मास शिवभक्ति का विशेष काल माना जाता है, और इस मास में कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस प्रकार के भंडारे शिवभक्तों को न केवल तृप्त करते हैं बल्कि जनमानस को सामाजिक समर्पण और धार्मिक एकता का भी संदेश देते हैं।

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