मेलबर्न में भारतीय मूल के सौरभ आनंद पर तलवार से हमला, सर्जरी से जोड़ा गया कटा हुआ हाथ

मेलबर्न, 27 जुलाई (वेब वार्ता)। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में भारतीय मूल के एक 33 वर्षीय युवक सौरभ आनंद पर पांच किशोरों ने तलवार से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। यह घटना 19 जुलाई को शाम 7:30 बजे अल्टोना मीडोज इलाके में स्थित सेंट्रल स्क्वायर शॉपिंग सेंटर के पास उस वक्त हुई, जब सौरभ फार्मेसी से घर लौट रहे थे।

हमला और गंभीर चोटें

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने सौरभ पर पीछे से हमला किया। ‘द ऑस्ट्रेलियन टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, जब सौरभ अपने दोस्त से फोन पर बात कर रहे थे, तभी पांच किशोरों ने उन्हें घेर लिया। एक किशोर ने उनकी जेबें टटोलीं, दूसरे ने उनके सिर पर मुक्का मारा जिससे सौरभ ज़मीन पर गिर पड़े। तीसरे ने तलवार निकालकर उनकी गर्दन पर रख दी

सौरभ आनंद ने ‘द एज’ को दिए बयान में बताया:

“मैंने खुद को बचाने की कोशिश की लेकिन तलवार मेरी कलाई में लगी। दूसरा वार मेरे हाथ पर और तीसरा सीधे हड्डी में गया।” “मुझे बस दर्द याद है। मेरा हाथ एक धागे से लटक रहा था।”

हमले में सौरभ को कंधे और पीठ पर चाकू के घाव भी लगे। इसके चलते उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और कई अन्य हड्डियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

मेलबर्न अस्पताल में जटिल सर्जरी

गंभीर रूप से घायल सौरभ किसी तरह से घटनास्थल से बाहर निकले और मदद मांगी। 
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआत में हाथ काटने पर विचार किया, लेकिन बाद में 7 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद उसे सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।

सौरभ का कहना है कि –

“यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि मेरा हाथ फिर से जुड़ गया। लेकिन अब भी मुझे चलने-फिरने और हाथ उठाने में तकलीफ हो रही है।”

जांच और गिरफ्तारियां

विक्टोरिया पुलिस ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है। अब तक पांच में से चार किशोरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस बाकी एक की तलाश में जुटी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह हमला नस्लीय कारणों से किया गया था या कोई और मकसद था।

लगातार बढ़ते हमले

यह हमला हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों पर बढ़ते हमलों की एक और कड़ी है।
एक हफ्ते पहले भारतीय छात्र चरणप्रीत सिंह पर भी नस्लीय गालियों और मारपीट का मामला सामने आया था, जब वे अपनी पत्नी के साथ मेलबर्न में लाइट डिस्प्ले देखने गए थे।

सौरभ आनंद की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन घटना ने एक बार फिर प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा और नस्लीय हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय समुदाय और सामाजिक संगठनों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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