Tuesday, January 27, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

भोपाल में 90 किमी प्रति घंटा स्पीड से मेट्रो की टेस्टिंग

-सुभाषनगर से एम्स तक हर दिन दौड़ रही 4 घंटे; इसी महीने आएगी आरडीएसओ की टीम

भोपाल, (वेब वार्ता)। एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट समेत अन्य कामों के बीच भोपाल में मेट्रो की रफ्तार बढ़ गई है। सुभाषनगर से एम्स के बीच 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से टेस्टिंग की जा रही है। पिछले तीन दिन से हर रोज 3 से 4 घंटे तक लगातार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ रही है। इस दौरान 10 से 15 फेरे तक लगाए जा रहे हैं। यह टेस्टिंग नॉन स्टॉप हो रही है।

टेस्टिंग के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कॉरपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं।

आरडीएसओ की टीम को बुलावा

इंदौर में 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेट्रो का वर्चुअल उद्घाटन किया था। अब अगला फोकस भोपाल मेट्रो पर है। भोपाल मेट्रो के डिपो के अधूरे कामों के साथ-साथ एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट, सिविल वर्क, सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, ट्रैफिक, सिग्नलिंग और आंतरिक व बाहरी निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इन्हें अगस्त-सितंबर तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, इस महीने आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। आरडीएसओ की अनुमति के बाद, सीएमआरएस(कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। ओके रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी।

साल 2018 में शुरू हुआ था काम

भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है।

भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल

3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80 किमी प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कॉमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह टीम अगले कुछ महीने में आ जाएगी।

भोपाल में इसलिए देरी से कॉमर्शियल रन

पिछले साल रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए थे। वहीं, मार्च में दोनों ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी कर ली गई। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी। चूंकि, अभी स्टेशन में काम बाकी है। इसलिए इसे प्रायोरिटी में न लेते हुए इंदौर में पहले मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया। पिछले 6-8 महीने से पूरा फोकस इंदौर पर रहा। छोटे-बड़े काम जल्दी निपटाए गए। इसलिए इंदौर में पहले मेट्रो चली।

6.22 किमी लंबा है प्रायोरिटी कॉरिडोर

भोपाल में मेट्रो का 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। अगले कुछ महीनों में कॉमर्शियल रन शुरू करने का प्लान है। इसके बाद जब आप मेट्रो ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में एंट्री करेंगे तो आपको ठीक वैसी तस्वीर नजर आएगी, जो किसी एयरपोर्ट के अंदर की होती है। अंदर फूड प्लाजा और कुछ शॉप भी रहेंगी। जहां से आप खाने-पीने और जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारी भी शुरू कर दी है।

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img