पिछली सरकारों ने दंगाइयों को खुली छूट दी, पीएसी की 54 कंपनियों को समाप्त किया: योगी

लखनऊ, (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य की पिछली सरकारों पर दंगाइयों को सरंक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर पीएसी की 54 कंपनियों को भंग कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने सत्ता में आते ही इन्हें बहाल किया।

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के आठ साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्ववर्ती सरकारों पर कानून को जानबूझकर कमजोर करने और दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने दंगाइयों का काल माने जाने वाली पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) की 54 कंपनियों को भंग कर दिया था, ताकि वे (दंगाई) खुलेआम दंगा कर सकें, लेकिन हमने सत्ता में आते ही उन सभी कंपनियों को बहाल किया और तीन नई महिला बटालियन भी बनाईं।”

योगी ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का संकट था, लेकिन पिछले आठ साल में स्थितियां बदली हैं और बेहतर कानून-व्यवस्था का उदाहरण प्रयागराज में हाल ही में संपन्न महाकुंभ मेले में दिखा।

उन्होंने कहा कि 45 दिनों के आयोजन में चोरी, लूट, छेड़खानी, अपहरण या किसी अन्य अपराध की कोई भी घटना नहीं हुई तथा पवित्र स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के मन में असंतोष का भी कोई भाव नहीं दिखा।

योगी ने कहा कि पिछले आठ साल में सरकार ने पुलिस बल को मजबूत किया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार बनने के समय पुलिस बल में डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली थे। हमने 1.56 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की। साथ ही 60,200 से अधिक नये पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया समाप्त की, जिन्हें जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने अपने शासन के तहत पुलिस प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय सुधार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी 112 संकट कॉल के लिए औसत प्रतिक्रिया समय 25 मिनट और 42 सेकंड था। आज, यह घटकर 7 मिनट और 24 सेकंड हो गया है, जिससे त्वरित कार्रवाई और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles