Saturday, February 14, 2026
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दिल्ली में बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठियों की मदद करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो : अमित शाह

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में राष्ट्रीय राजधानी में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति और समन्वय पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। शाह ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की मदद करने वाले पूरे नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ निर्णायक और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान दिल्ली में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधों पर नियंत्रण करने से संबंधित कई सुझावों और उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने और अन्य क्षेत्रों में अच्छा काम किया है। गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली की डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित दिल्ली – सुरक्षित दिल्ली के लिए दोगुनी गति से काम करेगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि दिल्ली में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों के भारत में घुसने से लेकर उनके डाक्यूमेंट्स बनवाने और उन्हें यहां रहने में मदद करने वाले पूरे नेटवर्क में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है और इसमें पूरी सख्ती के साथ काम हो और उन्हें चिन्हित कर डिपोर्ट किया जाए।

अमित शाह ने कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों और सब-डिविज़न्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि खोया-पाया, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, चरित्र सत्यापन, ट्रैफिक, वरिष्ठ नागरिकों और हिम्मत एप्प के बारे में लोगों की संतुष्टि के स्तर को जानना बेहद ज़रूरी है और इसके लिए एक थर्ड पार्टी सर्वे कराया जाना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में अंतरराज्यीय गिरोह को रुथलेस अप्रोच के साथ समाप्त करना दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था को सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि डीसीपी स्तर के अधिकारी थाने लेवल पर जाकर जन-सुनवाई कैंप लगायें और जनता की समस्याओं का निराकरण करें। शाह ने कहा कि सभी एसीपी अपने नीचे आने वाले थानों में गंभीर केसों की स्वयं मॉनीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष तक दिल्ली पुलिस प्रत्येक तीन महीने के अंतराल में अपराधों के खिलाफ विशेष ड्राइव चलाएं और इसे आगे चलकर प्रत्येक डेढ़ महीने के भीतर चलाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नार्कोटिक्स के मामलों में टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप अप्रोच के साथ काम करें और इसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की ज़रूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि दिल्ली में कंस्ट्रक्शन से संबंधित मामलों में दिल्ली पुलिस की परमिशन की जरुरत नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जेजे क्लस्टर्स में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से प्रायोगिक तौर पर 25 सुरक्षा समितियां बनाई जाएं और इन्हें परिणाम देखकर आगे बढ़ाया जाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली सरकार से आगामी मॉनसून के दौरान होने वाली संभावित जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मॉनसून एक्शन प्लान बनाने को कहा। अमित शाह ने निर्देश दिए कि खराब होने वाली बसों के कारण लगने वाले जाम को रोकने के लिए डीटीसी क्यूआरटी की तैनाती कर सभी विभागों के साथ समन्वय कर नज़दीक की टीम से तुरंत मदद ले और बस को हटाने में लगने वाले समय को कम करने के प्रयास करे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेलों को मॉडल जेल बनाने के प्रयास हों। उन्होंने दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामलों के त्वरित निपटान के लिए दिल्ली सरकार विशेष अभियोजक नियुक्त करे जिससे इन मामलों का जल्द निपटान हो सके।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार आपसी सहयोग से ही देश की राजधानी को अपराधमुक्त कर एक आदर्श राजधानी बना सकती हैं। उन्होंने यातायात प्रबंधन पर साझा प्रयास, कानून प्रवर्तन की आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, महिला एवं बाल सशक्तीकरण, सिविक विभागों के बीच परस्पर सहयोग, भ्रष्टाचार पर अंकुश, सामुदायिक पुलिसिंग, सीसीटीवी कैमरों के रख-रखाव और एकीकरण आदि की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया।

बैठक में दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा, आसूचना ब्यूरो के निदेशक सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार एवं दिल्ली पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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