कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के समीप विकास की नई इबारत लिखी जाने वाली है। कसया तहसील के साखोपार और बहोरापुर गांवों में करीब 150 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट टाउनशिप विकसित करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने 100 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और प्रस्ताव कुशीनगर स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (कसाडा) बोर्ड की आगामी बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के कुशल नेतृत्व में यह प्रयास कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थिति प्रदान करेगा, जिससे लाखों लोगों को रोजगार और बेहतर जीवन स्तर का लाभ मिलेगा।
प्रस्तावित स्मार्ट टाउनशिप की लोकेशन बेहद महत्वपूर्ण है। यह कुशीनगर से मात्र 10 किलोमीटर और कसया तथा जिला मुख्यालय पड़रौना से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर एनएच-28बी के किनारे स्थित है। इस क्षेत्र का चयन पर्यटन, व्यापार और आवासीय विकास को ध्यान में रखकर किया गया है। टाउनशिप के विकास से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहरने, आवागमन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी, जिससे कुशीनगर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
कसया तहसील प्रशासन ने किसानों से सहमति लेकर करीब 70 एकड़ भूमि अधिग्रहण की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी पूरी कर ली है। कुछ भूमि पड़रौना तहसील में भी चिन्हित की गई है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा। पिछले महीने कसाडा बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है और सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आगामी बैठक में मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।
टाउनशिप में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
- चौड़ी और स्मार्ट सड़कें
- बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
- निर्बाध जल एवं बिजली आपूर्ति
- हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
- हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थल
- व्यापारिक केंद्र और आवासीय कॉम्प्लेक्स
यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक शहरी स्वरूप प्रदान करेगी। स्थानीय युवाओं को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजे से वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय में निवेश कर सकेंगे।
सरकार के प्रयास: पर्यटन और विकास में नई क्रांति
योगी सरकार कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल के वर्षों में कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन, बेहतर कनेक्टिविटी और अन्य परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह स्मार्ट टाउनशिप पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में katalysator साबित होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। सरकार की नीतियों से किसानों का हित सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना क्षेत्र | करीब 150 एकड़ |
| भूमि अधिग्रहण | 100 एकड़ से अधिक पूरी |
| स्थान | साखोपार और बहोरापुर गांव, कसया तहसील |
| दूरी | कुशीनगर से 10 किमी, एनएच-28बी किनारे |
| मंजूरी प्रक्रिया | कसाडा बोर्ड बैठक में प्रस्ताव |
| लाभ | पर्यटन बढ़ावा, रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण |
यह तालिका परियोजना के मुख्य बिंदुओं को दर्शाती है।
निष्कर्ष: कुशीनगर बनेगा विकास का नया केंद्र
कुशीनगर में प्रस्तावित स्मार्ट टाउनशिप बुद्ध की पवित्र स्थली को विकास के पंख लगाएगी। यह परियोजना न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में क्रांतिकारी सुधार लाएगी। योगी सरकार के दूरदर्शी प्रयासों से कुशीनगर वैश्विक मानचित्र पर एक समृद्ध और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। किसानों को उचित मुआवजा और क्षेत्र को नई सुविधाएं मिलने से जनता के हितों की रक्षा होते हुए विकास की नई मिसाल कायम होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है।








