‘हर थाली में बिहारी तरकारी’: बिहार में सब्जी उत्पादक किसानों का प्रशिक्षण, PVCS को सशक्त करने पर जोर

पटना, (वेब वार्ता)। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन लिमिटेड (वेजफेड) ने पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में 15 सितंबर 2025 को एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्राथमिक सब्जी उत्पादक समिति (PVCS) के क्षमतावर्धन और सब्जी उत्पादक किसानों को सशक्त बनाना था। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कई परियोजनाओं का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया।

प्रशिक्षण और कार्यशाला: PVCS को मजबूत करने की पहल

कार्यशाला में राज्यभर के PVCS के अध्यक्षों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इसका मुख्य लक्ष्य था:

  • किसानों को उन्नत तकनीक और बेहतर बीज उपलब्ध कराना।

  • बाजार तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करना।

  • PVCS की कार्यक्षमता बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों को संगठित करना।

सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “PVCS के माध्यम से हम सब्जी उत्पादक किसानों को संगठित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि उन्हें उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, और बाजार तक सीधी पहुंच मिले, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो।” उन्होंने PVCS के अध्यक्षों से अपील की कि वे अभियान चलाकर अपनी समितियों में सदस्यों की संख्या बढ़ाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान इस पहल का लाभ उठा सकें।

परियोजनाओं का शिलान्यास: भंडारण और आधारभूत ढांचा

कार्यशाला के दौरान ऑनलाइन माध्यम से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • प्याज भंडारण के लिए गोदाम: ये गोदाम सब्जियों की बर्बादी को कम करने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेंगे।

  • PVCS के लिए आधारभूत संरचनाएं: बेगूसराय, नालंदा, समस्तीपुर, पटना, भोजपुर, और अन्य जिलों में PVCS के लिए बुनियादी ढांचे का विकास।

ये परियोजनाएं बिहार के सब्जी उत्पादन को और अधिक संगठित और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ अभियान

‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ अभियान का उद्देश्य बिहार को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और बिहारी सब्जियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाना है। वेजफेड इस दिशा में किसानों को तकनीकी सहायता, विपणन सुविधाएं, और प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। इस कार्यशाला ने PVCS को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है।

निष्कर्ष: बिहार में कृषि का नया युग

यह प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला बिहार सरकार के कृषि रोडमैप और सहकारिता आंदोलन का हिस्सा है, जो किसानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ का लक्ष्य न केवल बिहार के किसानों की आय बढ़ाने का है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि बिहारी सब्जियां हर भारतीय की थाली तक पहुंचें। सहकारिता विभाग और वेजफेड की यह पहल बिहार के कृषि क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रही है।

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