Wednesday, January 7, 2026
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हरदोई के राजघाट गंगा तट पर उमड़ा श्रद्धा का जन सैलाब

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक (वेब वार्ता)। हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन हर सनातनी गंगा स्नान करने के लिए हर सम्भव प्रयास करता है। आस्था व श्रद्धा से जुड़ी माघी पूर्णिमा के अवसर पर बिलग्राम तहसील क्षेत्र में स्थित राजघाट पर आस्था का जन सैलाव उमड़ता दिखाई दिया। राजघाट पर हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर गंगा के पावन जल में स्नान करने के लिए एकत्रित हुये। भक्ति रस में डूबे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हर हर गंगे का उदघोष करते हुए आस्था की डुबकी लगाते दिखाई दिये। हरदोई का यह राजघाट भी कई नदियों का संगम है। यहां गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी का संगम है। इस कारण इस वर्ष में पूर्ण महाकुंभ पड़ने के कारण यह स्थान आस्था और भक्ति का संगम बन गया। राजघाट का स्थान अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। माघ मास की पूर्णिमा को कई लोग इसे स्नान और दान का दिन मानते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, और भक्तगण अपने पापों से मुक्त होने की कामना करते हैं। हाल के वर्षों में, बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के राजघाट पर इस पर्व को मनाने का उत्साह बढ़ा है, जो यह दर्शाता है कि लोग अपनी धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने में विश्वास रखते हैं। इस वर्ष माघ पूर्णिमा पर राजघाट पर आयोजित मेले ने भव्यता को और बढ़ा दिया। यहाँ पर विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए गए थे, जहाँ लोग पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक सामग्री भी खरीद सकते थे। स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पर्व का माहौल और भी भव्य हो गया। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। गंगा तट पर स्नान करने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। यह देखा गया है कि लोग केवल धार्मिक आस्था के लिए नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी यहाँ आते हैं। कई लोगों ने अपने परिवारों के साथ मिलकर इस पर्व को मनाने के लिए यात्रा की। इस पर्व ने लोगों को आपस में जोड़ने तथा सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का कार्य किया है। माघ पूर्णिमा का पर्व बिलग्राम के राजघाट पर आस्था का महाकुंभ बन गया है। यहाँ लोगों की भक्ति, समाजिकता और पारंपरिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं और भविष्य में भी इन्हें बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। माघ मेला को लेकर स्नान घाट से लेकर हर मार्ग पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनी रहीं ।

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