योगी सरकार का एक्शन! लव जिहाद पर जल्द सख्त कानून, गृह विभाग ने भेजा प्रस्ताव

New Delhi: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में लव जिहाद (Love Jihad) पर जल्द ही कानून आ सकता है। प्रदेश के गृह विभाग ने कानून (Law for Love Jihad) का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। इसे परीक्षण के लिए विधि विभाग के पास भेजा गया है।

गौरतलब है कि बीते दिनो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई हिस्सों में लव जिहाद (Love Jihad) के सामने आए मामलों के बाद इस पर कानून (Law for Love Jihad) बनने की चर्चा तेज हो गई थी। अब इस मामले में कवायद शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने संकेत दिया था कि प्रदेश सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून (Law for Love Jihad) लाने की तैयारी में है। सीएम योगी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा था कि न्यायालय के आदेश का पालन होगा और बहन-बेटियों का सम्मान होगा।

उन्होंने जिहादियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि छद्म भेष में, नाम छिपाकर जो लोग बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करते हैं, उन्हें मैं चेतावनी देता हूं कि उनकी राम-नाम सत्य की यात्रा निकलने वाली है।

एमपी में तैयार है संभावित कानून की रूपरेखा

उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून लाए जाने की तैयारी चल रही है। मध्य प्रदेश में कानून की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।

एमपी सरकार के एक मंत्री ने बताया कि लव जिहाद के खिलाफ संभावित कानून में अपराधी को 5 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। मामले में गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। संभावित कानून के मुताबिक, धर्म परिवर्तन के लिए एक महीने पहले ही अनुमति लेनी होगी। मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा सत्र में इस प्रस्ताव को सदन में पेश किया जा सकता है।

यूपी में कैसा होगा लव जिहाद कानून?

उत्तर प्रदेश में लव जिहाद पर कानून को लेकर प्राथमिक तौर पर जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें आरोपी को अपराध सिद्ध होने के बाद 1-7 साल की सजा देने का प्रावधान शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लव जिहाद पर जो कानून बनने वाला है, उसमें मोटे तौर पर ये बातें शामिल की जा सकती हैंः

  1. यदि दो धर्म के लोग शादी करते हैं तो इस बात की जांच की जाएगी कि यह शादी कपटपूर्ण तरीके से, प्रलोभन देकर या ब्लैकमेलिंग के तहत तो नहीं की गई है।
  2. दो धर्म के लोगों में अगर उपर्युक्त में से कोई मामला होता है तो लड़का और लड़की के ब्लड रिलेटिव इसकी शिकायत कर सकते हैं, जिसके बाद मामले की जांच की जाएगी।
  3. कपटपूर्ण तरीके से, प्रलोभन देकर या ब्लैकमेल करके की गई शादी को अपराध माना जाएगा और दोष साबित होने पर 1 साल से लेकर 7 साल तक की सजा सुनाई जाएगी। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

योगी की चेतावनी से पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी लव जिहाद के मामले पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा कि केवल शादी के लिए धर्म परिवर्तन कराना वैध नहीं है। राज्य सरकार के कानून में हाई कोर्ट की इस टिप्पणी को आधार बनाया जा सकता है।

बीते दिनों इस बारे में सीएम योगी ने संकेत देते हुए कहा था कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आदेश दिया है कि शादी के लिए धर्म परिवर्तन को मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। इस वजह से सरकार भी निर्णय ले रही है कि हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का काम करेंगे। एक प्रभावी कानून बनाएंगे।

धर्म परिवर्तन न करने पर ह’त्या!

यूपी के कई जिलों में लव जिहाद के मामले सामने आने के बाद इस पर कानून को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। हरियाणा के बल्लभगढ़ इलाके में एक छात्रा निकिता तोमर की ह’त्या कर दी गई थी। आरोप था कि निकिता की ह’त्या तौसीफ नाम के लड़के ने की है, जो कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था।

मध्य प्रदेश में भी कानून की तैयारी

उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने भी लव जिहाद पर कानून बनाने का दावा किया है। मामले में सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने ही पहल की है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने ऐलान किया कि जल्द ही इससे जुड़ा कानून विधानसभा में पेश किया जाएगा। ये गैर जमानती अपराध होगा और दोषियों के लिए पांच साल तक की सजा का प्रावधान होगा।

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