West Bengal: हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए उतरेंगे BJP के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ

Webvarta Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों (West Bengal Elections 2021) की तारीखें सामने आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यहां सत्‍तारूढ़ TMC और BJP के नेताओं के बीच जुबानी जंग अब चरम पर पहुंच गई है।

‘हिंदुत्‍व’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे के सहारे चुनावी वैतरणी (West Bengal Elections 2021) पार करने की कोशिश में जुटी BJP ने अपने ‘फायर ब्रांड’ हिंदूवादी नेता और यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) को इस महासमर में उतार दिया है। बीजेपी हिंदू वोटरों पर योगी के प्रभाव और उनकी आक्रामक प्रचार शैली को पूरी तरह भुनाना चाहती है। मंगलवार को मालदा के गाजल कॉलेज में योगी की पहली जनसभा होने जा रही है।

बताया जा रहा है कि बंगाल BJP के नेताओं ने योगी (UP CM Yogi Adityanath) के दौरे की बड़ी डिमांड की है। इसके चलते बीजेपी योगी के चुनावी कार्यक्रम को और लंबा करने में जुटी है।

मालदा में घुसपैठ की समस्‍या सबसे बड़ी

योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) आखिर मालदा जिले से ही अपने चुनाव प्रचार का श्रीगणेश क्‍यों करने जा रहे हैं? आइए इस बारे में समझते हैं। दरअसल बांग्‍लादेश सीमा से सटे मालदा जिले में घुसपैठ की समस्‍या बहुत बड़ी है। 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने मालदा उत्‍तर सीट पर जीत हासिल की थी।

इससे पहले पिछले विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने वैष्‍णवनगर सीट पर अपना परचम लहराया था। इसके बाद 2019 में हुए उपचुनाव में हबीबपुर सीट बीजेपी के खाते में आ गई थी। राजनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के कारण ही बीजेपी को इन सीटों पर जीत मिली है। ऐसे में पार्टी योगी आदित्‍यनाथ की हिंदूवादी छवि को देखते हुए मालदा से उनकी रैलियों की शुरुआत कर रही है।

मालदा में 50 पर्सेंट मुस्लिम वोटर

मालदा पश्चिम बंगाल के उन जिलों में शामिल है जहां करीब 50 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। यह जिला जाली नोट के कारोबार के लिए भी कुख्‍यात है। अवैध हथियारों की तस्‍करी भी यहां जोरों पर होती है। ऐसे में बीजेपी की रणनीति है कि यहां योगी के जरिये चुनाव प्रचार की शुरुआत कर हिंदू वोटों को बड़ी संख्‍या को अपने पाले में कर लिया जाए।

पिछले विधानसभा चुनावों में यहां TMC की हुई थी बुरी हार

इन सबके अलावा बीजेपी के लिए एक और अच्‍छी बात है कि पिछले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस मालदा से बुरी तरह हारी थी। सबसे ज्‍यादा आठ सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। एक पर सीपीएम और एक पर निर्दलीय प्रत्‍याशी जीता था। वहीं, बीजेपी को दो विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। मालदा में कुल 12 विधानसभा सीटें हैं। 26 और 29 अप्रैल को यहां वोटिंग होगी।

योगी मॉडल के जरिये ममता को घेरने की तैयारी

मंगलवार को योगी की पहली चुनावी जनसभा से बंगाल के चुनाव पर केसरिया रंग चढ़ना तय माना जा रहा है। गरीबी और पिछड़ेपन से जूझ रहे पश्चिम बंगाल के चुनावी मंच से योगी यूपी के विकास के मॉडल की झलक दिखलाएंगे। सांस्कृतिक वैभव और आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनते उत्तर प्रदेश में माफियाओं और अपराधियों से निपटने के योगी मॉडल की गूंज भी सुनाई देगी। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की रणनीति योगी मॉडल के जरिए ममता बनर्जी को चौतरफा घेरने की है।

मोदी के बाद योगी दूसरे नंबर के स्‍टार प्रचार

बिहार और हैदराबाद में योगी आदित्यनाथ की रैलियों से मिली सफलता को पार्टी अब पश्चिम बंगाल में दोहराने की तैयारी में है। योगी की रैलियों से कोरोना के दौरान पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों की दशा, लव जिहाद, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और राम मंदिर निर्माण का मुद्दा पश्चिम बंगाल के सियासी पारे को नए पैमाने पर ले जाएगा।

योगी आदित्यनाथ की छवि फायरब्रांड हिंदू नेता के साथ ईमानदार व सख्त प्रशासक की है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी के बाद चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी की निर्भरता योगी पर सबसे ज्यादा है।

बिहार, हैदराबाद हर जगह बीजेपी को दिलाई सफलता

योगी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हैदराबाद के नगर निकाय चुनाव में प्रचार करने वाले वह बीजेपी के इकलौते मुख्यमंत्री थे। उनके चुनाव प्रचार का असर चुनाव के नतीजों में देखने को भी मिला। बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 48 सीटें जीतीं और ओवैसी की पार्टी को तीसरे नंबर पर धकेलकर दूसरे नंबर की पार्टी बन गई। इससे पहले बिहार के चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ के प्रचार का कमाल लोग देख चुके हैं।

सीएम योगी ने बिहार चुनाव में 17 जिलों में 19 सभाएं कर 75 से ज्यादा सीटों के परिणाम प्रभावित किए। आतंक, अपराध और भ्रष्टाचार पर आक्रामक प्रहार करते हुए योगी ने इनमें से 50 सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों को जीत दर्ज करा दी।