West Bengal: ममता को एक और झटका, BJP में शामिल हुए पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी

Webvarta Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal) से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए एक और बड़े झटके वाली खबर आई है।

पिछले महीने राज्यसभा की कार्रवाई के दौरान सदन में अपने इस्तीफे का ऐलान करने वाले पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi join BJP) ने आज भाजपा का दामन थाम लिया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (BJP Chief JP Nadda) ने उन्हें आज औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।

मुझे इस पल का इंतजार था

बीजेपी में शामिल (Dinesh Trivedi join BJP) होने पर दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि यह स्वर्णिम क्षण है, जिसका मुझे इंतजार था। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को नकार दिया है। बंगाल की जनता तरक्की चाहती है, हिंसा और भ्रष्टाचार नहीं। राजनीति कोई ‘खेला’ नहीं होता, ये एक गंभीर चीज है। खेलते-खेलते वो (ममता बनर्जी) अपने ही आदर्श भूल गई हैं।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस कहा कि आज मुझे बहुत खुशी हो रही है कि दिनेश त्रिवेदी जी को हम भाजपा में शामिल (Dinesh Trivedi join BJP) कर रहे हैं। मैं अपनी ओर से, अपने सभी साथियों और करोड़ों कार्यकर्ताओं की तरफ से उनका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि दिनेश त्रिवेदी जी का एक लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है और उन्होंने एक वैचारिक यात्रा राजनीति में की है। सत्ता को दरकिनार करते हुए, विचार की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने अपना जीवन गुजारा है।

तृणमूल पर हमला

जे पी नड्डा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में भ्रष्टाचार, अवसरवादिता, लोकतंत्र की हत्या, संस्थाओं का गला घोंटना, ये सब कुछ विराजमान है। इसीलिए संवेदनशील और विवेकशील व्यक्तित्व के धनी दिनेश त्रिवेदी ने तृणमूल को छोड़कर आज भाजपा को जॉइन किया है।

उन्होंने कहा कि जब मैं दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi join BJP) की बात करता था तो मैं हमेशा कहता था कि वो एक अच्छे व्यक्ति गलत पार्टी में हैं और ये वो भी महसूस करते थे। अब सही व्यक्ति सही पार्टी में है, जहां हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका उपयोग देश की सेवा में कर सकेंगे। गौरतलब है कि कि तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल में ‘हिंसा’ और ‘घुटन’ का हवाला देते हुए 12 फरवरी को राज्यसभा में अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।