शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा- मंदिर हिंदुओं का हक था, उन्हें मिला

New Delhi: शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कारसेवक पुरम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का जन्मस्थान है।

मंदिर हिंदुओं का हक था, जो उन्हें मिल गया। इसके लिए उन्होंने अयोध्या के संतों के साथ मिलकर अपने स्टैंड को क्लियर रखा। एक प्रश्न के जवाब पर उन्होंने कहा कि ओवैसी हिंदुस्तान के अबू बकर बगदादी हैं, इससे ज्यादा उन्हें हम और कुछ नहीं मानते हैं।

रिजवी ने कहा, ‘हमारी कोशिश थी कि अदालती फैसले से नहीं, आपसी सुलह समझौते से हल निकल जाए। जिससे कि पीढ़ियों तक लोगों के जेहन में आपसी समझौते की बात घर कर जाये और जो तास्सुब हिंदू मुसलमान का बढ़ गया था, वह खत्म हो। लेकिन अफसोस हुआ समझौते से बात नहीं बनी। उन्होंने अदालती फैसले की सराहना करते हुए कहा कि जो फैसला आया वह जायज है। जिसका हक था, उसे मिल गया।

‘मुस्लिमों को दी गई जमीन पर बने अस्पताल और विद्यालय’

वसीम रिजवी ने कहा, ‘अयोध्या की जमीन पर अब कोई नई मस्जिद उचित नहीं है लेकिन सुन्नी वक्फ बोर्ड का मामला है जो सही समझेंगे वह करेंगे। उन्होंने कहा शिया वक्फ बोर्ड का मामला होता तो अयोध्या की सीमा में मस्जिद नहीं बनती।’

उन्होंने कहा हमने सुन्नी वक्फ बोर्ड को राय दी है कि उस जमीन पर अस्पताल या विद्यालय बने, जिससे सभी धर्म के लोगों को इलाज और शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा अयोध्या में नमाजियों की कमी है, मस्जिदों की नहीं।

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