कुशीनगर में धान बेचने वाले पात्र गृहस्थी के कार्ड से राशन ले रहे हैं, पूर्ति विभाग ने भेजा नोटिस

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कुशीनगर, 15 सितंबर (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सरकारी क्रय केंद्रों को तीन लाख से अधिक का धान बेचने वाले 900 से अधिक ऐसे किसानों का मामला सामने आया है, जो फर्जी तरीके से भूमिहीन बनकर पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशनकार्ड के जरिए लाभ ले रहे हैं।

इन्होंने कोटे की दुकानों से राशन लिया ही, कोरोनाकाल में मुफ्त राशन भी लिया। मामला तब खुला, जब इनके आधारकार्ड और बायोमीट्रिक तरीके से क्रय केंद्रों पर पिछले वित्तीय वर्ष में धान-गेहूं बेचने और राशनकार्डों पर नियमित रूप से राशन उठान का मिलान किया गया। जिला पूर्ति अधिकारी ने 900 से अधिक कार्डधारकों को नोटिस भेजकर राशनकार्ड निरस्त करने की चेतावनी दी है और जांच करने का निर्देश भी दिया है।

आपूर्ति विभाग के अनुसार एनआईसी की तरफ से विभाग को ऐसे राशन कार्डधारकों का विवरण उपलब्ध कराया गया है। जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 में तीन लाख रुपये या उससे अधिक का गेहूं-धान न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है। ऐसे में इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता कि अपात्र लोग राशन लेकर अनुचित लाभ उठा रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर दुदही क्षेत्र के जंगल लुअठहां में ही ऐसे नौ लोग मिले हैं। कमोबेश यही स्थिति जिले के अन्य गांवों की भी है। ऐसे 900 से अधिक कार्डधारकों को डीएसओ ने नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है कि पात्र न होते हुए राशनकार्ड पर अनाज लेते रहे। इसलिए क्यों न इनका राशनकार्ड निरस्त कर दिया जाए। इन्हें अविलंब कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

अंत्योदय-पात्र गृहस्थी पर मिलता है 35 किलो राशन

आपूर्ति विभाग के मुताबिक लगभग 35,64,544 की जनसंख्या वाले जिले में 117066 अंत्योदय कार्डधारक हैं। इन राशनकार्डों पर 365946 लोगों (यूनिट) के नाम से राशन दिया जाता है। जिले में पात्र गृहस्थी के 5,98,809 राशन कार्डधारक हैं। इन राशनकार्डोँ पर 2424797 यूनिट दर्ज हैं। इस प्रकार अंत्योदय और पात्र गृहस्थी को मिलाकर जिले में कुल 7,15,875 राशन कार्डधारक हैं। जिसके अंतर्गत कुल 2790743 यूनिट दर्ज है। इसमें से 2788761 यूनिट आधारकार्ड से जुड़ चुकी हैं। विभाग कोटेदारों के माध्यम से इन्हें प्रतिमाह राशन उपलब्ध कराता है। इन्हें नियमित रूप से प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। इसमें 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल होता है। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद ऐसे परिवारों को प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल मुफ्त में दिया जाता है।

इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि एनआईसी लखनऊ की तरफ से आपूर्ति विभाग को पत्र आया है, जिसमें बताया गया है कि आधार मैचिंग में पिछले वित्तीय वर्ष में 900 से अधिक ऐसे कार्डधारक मिले हैं, जो तीन लाख या उससे अधिक की कीमत का अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचे हैं। क्रय केंद्रों और सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर आधारकार्ड के साथ-साथ बायोमीट्रिक मशीन से खरीद-फरोख्त होती है। इसलिए यह मामला पकड़ में आया है। ऐसे 900 से अधिक कार्डधारकों को नोटिस दी गई है।