तीन वर्षों से लगातार गन्ना का क्षेत्रफल घट रहा : जिला गन्ना अधिकारी

District Sugarcane Officer

-कुशीनगर में प्राकृतिक आपदा के कारण 567 करोड़ रुपये की गन्ने की फसल का नुकसान

कुशीनगर, 06 अगस्त (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गन्ना किसानों की आर्थिक आय का आधार कहे जाने वाले गन्ना की फसल कुशीनगर में प्राकृतिक आपदा अधिक बारिश की शिकार होती जा रही है। तीन वर्षों से लगातार गन्ना का क्षेत्रफल घट रहा है। जिले में लगभग 567 करोड़ रुपये के गन्ने की फसल का नुकसान अधिक बारिश की वजह से हुआ है। यह बातें जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने कहीं।

उन्होंने बताया है कि तीन वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो कुशीनगर में वर्ष 2019-20 में 100724 हेक्टेयर, वर्ष 2020-21 में 91115 हेक्टेयर और वर्तमान सत्र में 87519 हेक्टेयर गन्ने की बुवाई किसानों की तरफ से की गई। लगातार गन्ना का क्षेत्रफल घट रहा है। क्योंकि किसानों की यह नकदी फसल लगातार प्राकृतिक आपदा का शिकार हो रही है। जनपद के 1520 गन्ना ग्रामों में लगभग दो लाख बाइस हजार किसान गन्ना की खेती करते हैं। गन्ना की फसल के लगातार हो रहे नुकासन को लेकर किसानों में दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने किसानों से सामान्य प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने का सुझाव दिया है।