बालिकाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं दी गई जानकारी : कल्पना जायसवाल

कुशीनगर, 16 सितंबर (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जिला प्रोबेशन अधिकारी कल्पना जायसवाल ने बताया कि महिला कल्याण विभाग द्वारा फेज 03 अंतर्गत आज विकासखंड पडरौना के अंतर्गत संविलियन विद्यालय में मेगा इवेंट के तहत मिशन शक्ति 03 के अंतर्गत जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के जरिए बालक बालिकाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। उन्हें स्वयं के आत्मरक्षा के लिए प्रेरित किया गया। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग के डायल नंबर 100 व 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, वूमेन पावर 1090 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी देकर बालक एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया।

जिला समन्वयक वंदना कुशवाहा द्वारा बताया गया कि सशक्त नारी से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। सशक्त होने के लिए शिक्षा ही हमारा हथियार है। एक शिक्षित महिला आत्मविश्वासी, मुखर और निर्णय लेने में सक्षम होती है। साथ ही बालक बालिकाओं को महिला कल्याण विभाग की चल रहे समस्त योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निराश्रित महिला पेंशन योजना, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताते हुए कार्यक्रम को संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक शिप्रा तिवारी, द्रौपदी सिंह, (प्रधानाचार्य) समस्त अध्यापकगण रागनी, रेनू बाला सिंह, शालिनी, उर्मिला मौर्य उत्तर प्रदेश पुलिस रितेश कुमार राय तरवेजआलम आदि उपस्थिति रहे।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का आवेदन शुरू

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जिला प्रोबेशन अधिकारी कल्पना जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) योजना अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 से भिन्न अन्य कारणों से माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है अथवा 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर जिन्होंने कोविड या अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों अथवा माता-पिता में से किसी एक अथवा अभिवावक को खो दिया है तथा वह कक्षा 12 तक शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत राजकीय महाविद्यालय विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी संस्थान से स्नातक डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त करने हेतु शिक्षा प्राप्त कर रहे हो या नीट, जे ई ई, क्लैट जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाए उत्तीर्ण करने वाले अथवा जिनकी माता तलाकशुदा स्री या परित्यक्ता है अथवा जिनके उनके माता-पिता दोनों या परिवार का मुख्यकर्ता जेल में है। अथवा ऐसे बच्चे जिन्हें बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति/बाल वेश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार/पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो अथवा भिक्षावृत्ति/वेश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार /पारिवारिक वातावरण समायोजित कराया गया हो, अथवा भिक्षावृत्ति/वैश्यावृत्ति में सम्मिलित परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का मुख्य उद्देश्य हैं। “उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा सेवा योजना( सामान्य) योजनान्तर्गत आवेदन हेतु पात्र लाभार्थी अपने संबंधित विकास खण्ड या तहसील से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।