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Thursday, September 28, 2023

पीएस लोहरीपुर की बदली सूरत, शिक्षकों का सामूहिक प्रयास बना मिसाल, मिली पहचान

-शिक्षकों के जज्बे से बदली विद्यालय की सूरत, मिला “बेस्ट स्कूल ऑफ द वीक” का खिताब

लखीमपुर खीरी, 03 सितंबर (वेब वार्ता/शिवम वर्मा)। दिल में कुछ कर गुजरने की प्रबल इच्छाशक्ति हो तो असंभव कुछ भी नहीं है। इसी की एक बड़ी मिशाल विकासखंड धौरहरा के प्राथमिक विद्यालय लोहारीपुर के प्रधानाध्यापक प्रेमचंद्र सरोज के नेतृत्व में शिक्षकों ने मिलकर मिशाल पेश की। इस विद्यालय ने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बनाई। शिक्षकों के अध्यापन व बच्चों द्वारा मन लगाकर किए अध्ययन से परीक्षा परिणाम भी बेहतर आ रहा। शिक्षकों ने ये सब खुद की मेहनत, सरकार से प्राप्त बजट व सामाजिक मदद से करने में सफलता पाई है।

डीएम महेंद्र बहादुर सिंह की अभिनव पहल “बेस्ट स्कूल आफ द वीक” के तहत इस सप्ताह के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का खिताब इसी स्कूल को दिया गया है। पीएस लोहरीपुर वर्तमान में 210 नामांकन है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक प्रेमचंद्र सरोज, सहायक अध्यापक चंद्र प्रकाश मिश्रा, शिक्षामित्र प्रमोद कार्यरत है। सत्र 2023-24 में कक्षा एक में 44 बच्चों का नामांकन कर ब्लॉक धौरहरा में नवीन नामांकन में सबसे अधिक नामांकन का लक्ष्य प्राप्त किया। विद्यालय में कायाकल्प के लगभग सभी पैरामीटर पूरे हैं। कक्षा-कक्ष में टायलिग के साथ ग्राउंड में अच्छी इंटरलॉकिंग भी है।

Changed face of PS Loharipurविद्यालय निपुण बनाने के लिए शिक्षकों ने टीएलएम सामग्री के साथ विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे अनुच्छेद, जीके की जानकारी को प्रश्न श्रंखला को तैयार की। विद्यालय को निपुण बनाने के लिए शिक्षक चंद्र प्रकाश मिश्रा ने विभिन्न प्रकार की टीएलएम सामग्री का निर्माण किया, जिसके जरिए बच्चें रोचकता से भाषा, गणित, अंग्रेजी और जीके की जानकारी हासिल करते हैं। भाषा की समझ के लिए मात्रा खिड़की, विलोम शब्द चित्र फाइल (मात्राओं की तीलिया), गणित में नंबर जोड़, नंबर जाली( सम, विषम, प्राइम संख्या), पूर्ववर्ती एवं अनुवर्ती संख्याएं, इंप्रेशन वर्ल्ड एवं डिफरेंट वर्ड डिक्शनरी से शिक्षण में रोचकता प्रदान की। शिक्षामित्र प्रमोद कुमार के पास रेडीनेस क्लास की जिम्मेदारी है, जो बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के साथ उनको स्वतंत्र रूप से सीखने और सिखाने में मदद करते हैं।

प्रधानाध्यापक की पहल से शिक्षक हुए प्रेरित

शैक्षिक सत्र 2012 से चार्ज लेने के बाद जिस तरह से प्रेमचंद सरोज ने विद्यालय को संवारने के लिए खुद को समर्पित किया, उससे विद्यालय के सहायक अध्यापक सीपी मिश्रा, अन्य शिक्षक भी प्रेरित हुए। जिसके बाद उन्होंने बच्चों के लिए पुस्तकालय में किताबों तो वहीं खेलकूद के लिए उपकरणों की व्यवस्था की। यहीं नहीं विद्यालय के सभी कर्मचारियों ने मिलकर किचन गार्डन तैयार किया है। किचन गार्डन की सब्जियों से ही मध्याह्न भोजन बनाया जाता है।

कामयाबी की राह पर बढ़ रहे नौनिहाल

प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से विद्यालय के बच्चे आज कई तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। चाहे वो खेलकूद हो, सांस्कृतिक प्रतियोगिता हो या फिर शैक्षिक प्रतियोगिता। न्याय पंचायत व ब्लॉक व जिला स्तर के खेलों में भी स्थान बना चुके हैं प्रधानाध्यापक प्रेमचंद्र सरोज बताते हैं कि विद्यालय में शनिवार को बाल संसद, सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित है। विद्यालय का सभी स्टाफ निपुण भारत लक्ष्य की संप्रप्ति के लिए कृत संकल्पित है। विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने के लिए विद्यालय के सभी स्टाफ ने अपना जी जान लगाया है।

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